
ब्लैक पॉटरी
आजमगढ़. निजामाबाद की विश्व प्रसिद्ध ब्लैक पाटरी के अच्छे दिन आने वाले है। एक जनपद एक उत्पाद के तहत इस उद्योग को बढ़ावा देने की कवायद सरकार ने शुरू कर दी है। शासन के निर्देश पर नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एमएसएमई हैदराबाद को अध्ययन के लिए चुना गया है। संस्था की टीम निजामाबाद क्षेत्र का भ्रमण कर इस कला को बढ़ावा देने के लिए शिल्पकारों को कौन सी सुविधा दी जानी है किस तरह पाटरी को बड़े उद्योग के रूप में विकसित किया जा सकता है इसकी रिपोर्ट शासन को देनी है। रिपोर्ट के आधार पर ही क्षेत्र में कामन फैसेलिटी सेंटर की स्थापना की जाएगी। एक बार टीम नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एमएसएमई के अधिकारी राजकुमार के नेतृत्व में यहां का सर्वे कर चुकी है। इससे कुम्हारों में उम्मीद जगी है कि आने वाले दिन उनके लिए बेहतर होने वाले हैं।
उपायुक्त उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र राजीव रंजन के मुताबिक टीम ने शिल्पकारों को आवंटित भूखंड और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी मौके पर जाकर हासिल कर चुकी है। इस दौरान शिल्पकारों से मिलकर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी भी ली गयी। अभी टीम एक-दो बार और जनपद का दौरा करेगी। अक्तूबर के पहले सप्ताह में टीम के साथ जिलाधिकारी नरेंद्र प्रसाद सिंह की बैठक की भी योजना है। बैठक के बाद टीम अपनी फाइनल रिपोर्ट शासन को भेजेगी। इसके बाद क्षेत्र में कामन फैसेलिटी सेंटर की स्थापना पर निर्णय शासन की ओर से लिया जाएगा।
गौरतलब है कि निजामाबाद की ब्लैक पाटरी पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां के कई शिल्पकार राष्ट्रपति से लेकर राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। सरकार की उपेक्षा के कारण ये कला अपना समुचित आकार नहीं ले पाई थी। एक जनपद एक उत्पाद में चयनित होने के बाद इस कला को संजीवनी मिली है। अब कामन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना के बाद कुम्हारों की समस्याओं के समाधान की संभावना बढ़ जाएगी। साथ ही यह फिर पुरानी प्रसिद्धि हासिल कर सकेगी।
By Ran Vijay Singh
Published on:
21 Sept 2019 08:15 am

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