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एनजीटी की टीम ने देखा तमसा का हाल लिया जलन का नमूना

साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए

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एनजीटी की टीम ने देखा तमसा का हाल लिया जलन का नमूना

आजमगढ़. तमसा नदी के पानी की निर्मलता और अविरलता की जांच करने शुक्रवार को एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) की टीम पहुंची। हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज व एनजीटी के चेयरमैन देवी प्रसाद सिंह के नेतृत्व में टीम ने आधा दर्जन स्थानों से पानी का नमूना लिया। साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

एनजीटी टीम सबसे पहले सुबह रोडवेज बाईपास पर राजघाट पहुंची और पानी के नमूने लिए। एनजीटी के चेयरमैन ने नदी में गिर रहे शहर के नालों पर चिता जताई। जलनिगम के अधिशासी अभियंता एसके सिंह यादव से पूछा कि कितने नालों का पानी नदी में गिरता है। छोटे-बड़े 22 नालों की जानकारी होने पर उन्होंने ईओ नगर पालिका विरेंद्र कुमार श्रीवास्तव को सख्त निर्देश दिए कि एक माह के अंदर सभी नालों के मुहाने पर जाली लग जानी चाहिए। कहाकि एक माह बाद पुनः टीम आएगी और यदि जाली लगी नहीं मिली तो एक करोड़ तक जुर्माना तय है।

वन विभाग के अधिकारी को निर्देशित दिया कि नदी के दोनों किनारों पर पौध लगवाना अभी से सुनिश्चित कर लिया जाए। इसकी मॉनिटरिग एनजीटी सेटेलाइट सिस्टम से करवा रही है। यदि किसी प्रकार की लापरवाही मिली तो 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। जलनिगम को निर्देशित किया कि नालों के पानी को साफ करने के लिए जल्द एसटीपी स्थापित करें। सीडीओ डीएस उपाध्याय से कहा कि पूरे जिले में जितनी लंबाई में तमसा नदी बहती हैं, उसके किनारों पर पेड़ लगवाने और बांधों को मजबूत करने के लिए मनरेगा से कार्य कराया जाए। इस मौके पर एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह, एनजीटी टीम के वैज्ञानिक एके त्रिपाठी, प्रभारी अधिकारी क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय घनश्याम प्रजापति, एसडीएम सदर पंकज कुमार श्रीवास्तव, एडीए सचिव बाबू सिंह मौजूद थे।