
CM Yogi Adityanath and Om Prakash rajbhar
रिपोर्ट:-रणविजय सिंह
आजमगढ़। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और भाजपा के बीच भले ही तलवारें खिंची हो लेकिन विश्वविद्यालय के मुद्दे पर दोनों दल साथ खड़े हो गए है। भासपा के प्रदेश महासचिव शशि प्रकाश सिंह मुन्ना ने सीएम द्वारा विश्वविद्यालय की घोषणा की जमकर तारीफ की वहीं चालीस साल से मांग को अनसूना करने पर विपक्ष पर जमकर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि 28 जनवरी को विश्वविद्यालय के लिए अनिश्चितकालीन धरने में पहुंचकर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने लोगों का दर्द सुना था और लखनऊ जाकर सीएम व शिक्ष ामंत्री से बात की थी।
सीएम ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए विधानसभा में विवि की घोषणा की। इस घोषणा से अब आजमगढ़ के शिक्षा रूपी बहुआयामी विकास तय हैं जो आगामी पीढ़ियों के लिए नजीर साबित होगा। जिसके लिए मंत्री के प्रयास की जितनी भी सराहना की जाये कम है।
शशिप्रकाश सिंह ने कहा कि पार्टी और भाजपा के बीच जिन मांगों को पूरा करने के लिए जो सूची बनी थी उसमें आजमगढ़ में विश्वविद्यालय और लखनऊ में सुभासपा का कार्यालय शामिल था। भाजपा सरकार द्वारा दो मांगों को हरीझंडी मिल गयी है लेकिन अभी तक चार मांगे लम्बित है। अन्य मांगों पर अगर 26 फरवरी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो पार्टी अगला कदम उठायेगी। लम्बित मांगों में लोकसभा चुनाव 2019 के सीटों का बंटवारा, प्रदेश में शराब बंदी, पूर्वांचल राज्य गठन करना व 27 प्रतिशत आरक्षण को तीन भागों में विभक्त करने की मांग शामिल है। लम्बित मांगों पर अगर 26 फरवरी तक भाजपा निर्णय नहीं करती है तो सुभासपा प्रदेश के सभी सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी और भाजपा को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी की मांगों को लेकर वाराणसी में महासम्मेलन का आयोजन 24 फरवरी को निर्धारित है। जिसमे बतौर मुख्य अतिथि ओमप्रकाश राजभर भाग लेंगे। वहीं से आर-पार के संघर्ष की घोषणा की जायेगी।
Published on:
22 Feb 2019 04:57 pm
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