
Dalit boy Death
आजमगढ़. होली के दिन जब लोग गिले शिकवे भूल एक दूसरे के गले मिल रहे थे उसी समय मित्र के घर से दावत से लौट रहे दलित को यादव बस्ती के लोगों ने लाठी डंडे से मारपीट कर मौत के घाट उतार दिया। दलित युवक़ को बचाने में उसका मित्र और बेटा भी घायल हो गया। घटना के बाद से ही गांव में तनाव है। हालात को देखते हुए भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गयी है। घटना का कारण पुरानी रंजिश बताई जा रही है।
सिधारी थाना क्षेत्र के बिरूआ समेदा गांव निवासी जवाहिर राम 45 पुत्र धनई राम शुक्रवार की शाम होली मिलने के लिए गांव में निकला था। देर शाम व पड़ोसी गांव लोहरही के रहने वाले मित्र नैनू यादव के घर चला गया। यहां उसने नैनू के साथ भोजन किया और करीब सात बजे नैनू के साथ अपने घर के लिए रवाना हुआ। दोनों के साथ नैनू का बेटा प्रकाश भी था।
अभी वे थोड़ी दूर ही पहुंचे थे कि पहले से घात लगाये बैठे लोहरही गांव के यादव बस्ती के लोगों ने जवाहिर पर लाठी डंडे से हमला कर दिया। नैनू और प्रकाश ने बीच बचाव का प्रयास किया तो उक्त लोगों ने उन्हें भी मारा पीटा। हमलावर जवाहिर को मरा हुआ समझकर लौट गये। घटना की जानकारी होने पर जवाहिर के परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में मौत हो गयी।
इसी दौरान किसी ने डायल-100 पर फोन कर घटना की जानकारी पुलिस को दे दी। इसके बाद सिधारी, मुबारकपुर, रानी की सराय, जहानागंज, शहर कोतवाली सहित कई थाने की फोर्स और आलाधिकारी मौके पर पहुंच गये। घटना से दोनों गांवों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। जिसे देखते हुए भारी संख्या में फोर्स मौके पर तैनात कर दी गयी है। घटना का कारण पुरानी रंजिश बतायी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों गांव के बीच लंबे समय से रिश्ता तनावपूर्ण रहा है। इस घटना के बाद तनाव और बढ़ गया है। इस मामले में मृतक के परिजनों ने जयराम यादव व बालचंद यादव सहित आधादर्जन लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। इस मामले में अभी तहरीर नहीं दी गयी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
By-Ranvijay Singh
Published on:
03 Mar 2018 12:16 pm

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