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रेलवे लाइन दोहरीकरण 2020 तक होगा पूरा, खर्च होंगे 1028 करोड़

निर्माण की जिम्मेदारी रेल विकास निगम लिमिटेड को सौंपी गई
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आजमगढ़

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Sunil Yadav

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Updated: 27 Apr 2019, 10:56 AM IST

प्रतीकात्म फोटो

प्रतीकात्म फोटो

आजमगढ़. शाहगंज-फेफना रेलवे लाइन के दोहरीकरण का कार्य शुरू हो गया है। दोहरीकरण के कार्य में गति लाने को रेलवे के अधिकारियों का दौरा जोरों पर चल रहा है। दोहरीकरण की इस परियोजना पर लगभग 1028.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हालांकि इसके लिए पूर्व में रेलवे ने 31 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी थी। विभाग ने इसके निर्माण की जिम्मेदारी रेल विकास निगम लिमिटेड को सौंपी है। दोहरीकरण की इस परियोजना को मार्च 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। समयावधि में योजना को पूरा कर इस क्षेत्र के लोगों को वर्षों पुरानी सौगात मिलेगी जिससे लोगों का सफर और सुहाना हो सकेगा।


शाहगंज-फेफना दोहरीकरण के लिए रेलवे अधिकारियों का कई बार इस रूट पर दौरा हुआ था। इस दौरान रेलवे स्टेशन, सिग्नल, जमीन की उपलब्धता, पुल-पुलिया आदि का विस्तार पूर्वक सर्वे किया। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि सर्वे का मुख्य उद्देश्य दोहरीकरण के कार्य में तेजी लाना है। दोहरीकरण कार्य को लेकर रेलवे ने तैयारी तेज कर दी है। विभाग ने शाहगंज से फेफना के बीच में पड़ने वाले समपार क्रासिग को बंद कर दिया है। हालांकि शाहगंज से फेफना तक 150 किमी लंबी रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए वर्ष 2018 में 31 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ था। दोहरीकरण होने से जिले को सबसे अधिक लाभ होगा। साथ ही जिले में विकास की रफ्तार भी रेलवे की पटरी पर पकड़ेगी।

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