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अब शिब्ली नेशनल कॉलेज के छात्र बैठे भूख हड़ताल पर, ये है वजह

छात्रों ने दी है चेतावनी, हमारी नहीं सुनी गयी तो करेंगे आमरण अनशन।

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Student Start Hunger Strike

छात्रों की भूख हड़ताल

आजमगढ़. कालेज प्रबंधन द्वारा छात्रों के हितों की अनदेखी तथा प्रबंध समिति द्वारा कालेज के प्रशासनिक मामलों में हस्तक्षेप से नाराज शिब्ली नेशनल पीजी कालेज के छात्र मंगलवार को भूख हड़ताल पर बैठ गए। इस दौरान छात्रों ने कालेज प्रशासन और प्रबंध समिति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मांग पूरी न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी।

बेलाल आजमी ने कहा कि इतने बड़े कालेज परिसर में पेयजल तक की व्यवस्था नहीं है। न ही कालेज परिसर की समय से सफाई होती है। कालेज में बुक का भी आभाव है। यहीं नहीं कालेज में पूछताछ के लिए कोई काउंटर तक नहीं बनाया गया है जहां छात्र जानकारी हासिल करने के लिए जा सके। हालत यह है कि सूचनाओं का आदान प्रदान न होने के कारण तमाम समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

अध्यक्ष कमर कमाल ने कहा कि प्रबंध समिति कालेज प्रशासन पर पूरी तरह हाबी है। वे कालेज प्रशासन के कार्यो में लगातार हस्तक्षेप कर रहे हैं जिसके कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है। प्रबंध समिति की मनमानी नहीं चलेगी। प्रबंध समिति के लोग कालेज के प्रशासनिक मामलों में हस्तक्षेप बंद करें। अगर ऐसा नहीं होता है तो हम आंदोलन को और तेज करेंगे।

इस मौके पर मुहम्मद साहिद, सानिक खान, शाहिद, शम्स आलम, मोहम्मद अहद, अब्दुल रहमत, अबू हातिम, अबू हमजा, मो. ताहिर, मो. सदिक, सौर्य सिंह, संगम सोनकर, जिज्ञासा यादव, दपीक सोनकर, अहमद फरहान, योगेश चौहान, सेराज अहमद, लालजीत यादव आदि उपस्थित थे।

ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर कोटेदार को बर्खास्त करने की मांग
आजमगढ़. सगड़ी तहसील क्षेत्र के हरैया ब्लाक के आराजी देवारा करखिया गांव के ग्रामीणों तहसील पर पहुंचकर गांव की सरकारी गल्ले की दुकान को निरस्त करने की मांग का ज्ञापन उपजिलाधिकारी सगड़ी को सौंपा। इस दौरान ग्रामीणों ने कोटेदार के खिलाफ जमकर नारेबजी करते हुए धरने पर बैठ गये। उपजिलाधिकारी सगड़ी ने कार्यवाही का आश्वासन देते हुए धरने को समाप्त कराया।


ग्रामीणों ने बताया कि आराजी देवारा करखिया गांव के कोटेदार भजुरामा यादव पुत्र राजदेव यादव ग्राम आराजी देवारा करखिया का लगभग 37 साल से गांव में सरकारी राशन की दुकान है। जिसमें लगभग 1000 अंत्योदय और पात्रगृहस्ति के राशनकार्ड है। ग्रामीणों का आरोप है कि कोटेदार राशन नहीं देता है और जो देता भी है वह मानक के अनुरूप न देते अधिक पैसा लेता है और मिट्टी का तेल आदि बेच देता है। जिसकी शिकायत कई बार ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से की पर सप्लाई इंस्पेक्टर की मिली भगत की वजह से अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं की।


इस दौरान रंजना, इतली, उर्मिला, श्यामदेई, राधिका, शीला, शुशीला, जितनी, गुलाबी, श्यामबली, गोपीचंद, रुपा, सुमित्रा, चनरी, ललिता, बासमती, ममता, अवधेश, दलसिंगार, मनोज सिंह आदि रहे।

By Ran Vijay Singh