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सपा-बसपा के मंसूबों पर पानी फेरेंगे शिवपाल, 24 दलों के साथ बनायेंगे महागठबंधन

पीएम मोदी को मात देने के लिए महागठबंधन में जुटी है।

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Shivpal Yadav

Shivpal Yadav

आजमगढ़. यूपीए एनडीए से इतर सपा और बसपा मिलकर मोदी को मात देने के लिए महागठबंधन की कवायद में जुटी है। वैसे सपा और बसपा बीच गठबंधन होगा या नहीं इस बात पर संसय बरकरार है लेकिन देश में एक महागठबंधन लगभग तैयार हो चुका है जिसकी अगुवाई पूर्व सीएम अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव करेंगे। जल्द ही इस महागठबंधन की घोषणा होगी। जिसमें देश की दो दर्जन से अधिक पार्टियां शामिल होंगी। उक्त महागठबंधन देश की सभी 543 संसदीय सीटों पर प्रत्याशी उतारेगा।

बता दें कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मात देने के लिए सपा, बसपा, कांग्रेस, रालोद, पीस पार्टी, निषाद पार्टी सहित कई दल गठबंधन की तैयारी में है। इस गठबंधन को और बल इसलिए मिला है कि उक्त दल पिछले दिनों दो लोकसभा और एक विधानसभा सीटों पर हुए उप चुनाव में बीजेपी को मात देने सफल रही हैं। गठबंधन की चर्चाओं के बीच सपा को बड़ा झटका शिवपाल यादव ने सेक्युलर मोर्चे का गठन कर दिया है। अब शिवपाल यादव गठबंधन को झटका देने की तैयारी में है। शिवपाल यादव देश के दो दर्जन छोटे राजनीतिक दलों के साथ महागठबंधन करने जा रहे है। इस महागठबंधन के संयोजक शिवपाल होंगे।

इस मुद्दे पर राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि समाजवादी सेक्यूलर मोर्चा, राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी, युवा क्रांति पार्टी, इंसान राज पार्टी, पिछला जन समाज पार्टी, भारतीय किसान परिवर्तन पार्टी, देशभक्ति मोर्चा पार्टी, देशभक्ति निर्माण पार्टी, समर्थ किसान पार्टी, नेशनल लोकमत पार्टी, वतन जनता पार्टी, देशभक्ति पार्टी, भारतीय अखंड पार्टी, भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी पार्टी, राष्ट्रवादी पार्टी, राष्ट्रीय अंबेडकर दल सहित कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार, मध्य प्रदेश की लगभग दो दर्जन पार्टियां मिलकर महागठबंधन बनाने जा रही है। जिसके संयोजक शिवपाल जी होगी। उक्त महागठबंधन देश की सभी 547 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगी।

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में किसानों को पेंशन, बेरोजगार युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम और लघु व्यवसाय, भ्रष्टाचार, प्रमुख मुद्दा होगा। स्थानीय स्तर पर आजमगढ़ जनपद के लालगंज लोकसभा को सामान्य सीट घोषित करते हुए जनपद घोषित करने, पूर्वांचल राज्य का गठन आदि मुद्दे भी शामिल किए जायेगे। कारण कि यूपी बड़ा राज्य है। जिसके कारण पूर्वांचल का विकास नहीं हो पा रहा है। पूर्वांचल के विकास के लिए अगल राज्य का गठन जरूरी है। हर प्रदेश में गठबंधन स्थानीय मुद्दों को भी अपने एजेंडे में शामिल करेगा।
By- Ranvijay Singh