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संवेदनहीन सरकारों को संघर्ष से देंगे जवाब

विभिन्न मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी लामबंद

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Ashish Kumar Shukla

Jul 24, 2016

protest

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आजमगढ़. सरकार द्वारा रसोइयां व अन्य कर्मचारी संगठनों की मांगों को नजरअंदाज करने से कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रविवार को रसोइया संघ व राज्य कर्मचारी महासंघ की मेंहनगर तहसील परिसर में हुई संयुक्त बैठक में आंदोलन के जरिये सरकार को मांगें मानने के लिए बाध्य करने का निर्णय लिया गया।

राज्य कर्मचारी महासंघ के मंडल अध्यक्ष रामलाल यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाल किया जाए, वेतन विसंगति समाप्त किया जाए तथा संविदा पर कार्यरत कर्मियों रसोइया, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा बहू, पीआरडी, बालश्रम, ग्रामसेवक रोजगार, ग्रामीण चैकीदार, मनरेगाकर्मी आदि का न्यूनतम वेतन रुपये 18000 प्रतिमाह दिया जाए। साथ ही इन कर्मचारियों को स्थाई घोषित किया जाए। उक्त मांगों को लेकर आगामी 23 अगस्त को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा तथा 7 सितंबर को लखनऊ के जीपीओ पार्क में प्रदेश स्तरीय धरना होगा। रसोइया संघ की जिलाध्यक्ष पूनम देवी ने कहा कि मांगों को लेकर लगातार संघर्ष करने के बाद भी केंद्र व राज्य सरकार द्वारा सकारात्मक कदम नहीं उठाया जा रहा है।

अब हम आंदोलन के माध्यम से सरकार को अपनी बात मनवाने के लिए मजबूर करेंगे। इसमें राज्य कर्मचारियों के साथ-साथ सभी संविदा कर्मचारी शामिल होंगे। ऊषा देवी ने कहा कि जो मानदेय एक हजार रुपये दिया जाता है वह भी समय से नहीं मिलता। यही नहीं कई विद्यालयों पर रसोइयों को छह-छह माह बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया है। इससे रसोइयां भुखमरी के कगार पर पहुंच गई हंै। बैठक में रामप्रकाश सिंह, गीता, पुष्पा देवी, रामजनम, लालचंद, पारस, सुनीता, रीना, केशरा, कलावती, शीला, बलिहारी, प्रभावती, मीना, संगीता, शशिकला, अशोक पांडेय, चंद्रकला, ओमप्रकाश पांडेय आदि उपस्थित थे।

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