अब हम आंदोलन के माध्यम से सरकार को अपनी बात मनवाने के लिए मजबूर करेंगे। इसमें राज्य कर्मचारियों के साथ-साथ सभी संविदा कर्मचारी शामिल होंगे। ऊषा देवी ने कहा कि जो मानदेय एक हजार रुपये दिया जाता है वह भी समय से नहीं मिलता। यही नहीं कई विद्यालयों पर रसोइयों को छह-छह माह बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया है। इससे रसोइयां भुखमरी के कगार पर पहुंच गई हंै। बैठक में रामप्रकाश सिंह, गीता, पुष्पा देवी, रामजनम, लालचंद, पारस, सुनीता, रीना, केशरा, कलावती, शीला, बलिहारी, प्रभावती, मीना, संगीता, शशिकला, अशोक पांडेय, चंद्रकला, ओमप्रकाश पांडेय आदि उपस्थित थे।