बता दें कि शासन द्वारा वर्ष 2014 में राजकीय विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला गया था। शिक्षकों की भर्ती पूर्ण होने के बाद शासन ने वेतन भुगतान प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद करने को कहा था। विभाग द्वारा सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच संबधित बोर्ड से करायी गयी जिसमें राजकीय उमा विद्यालय नदवल मऊ के हिंदी शिक्षक कमलराज, खराटी आजमगढ़ तेज बहादुर सिंह, बहरामपुर मऊ के अभयानंद यादव, सरायपुल विंद आजमगढ़ के विपिन कुमार यादव, जमदरा मऊ के धीरज सोनकर, बघईपुर बलिया के राजेंद्र गिरी, सुल्तानीपुर मऊ के संस्कृत शिक्षक अग्नेश कुमार सिंह, सोनाडिह बलिया के अंग्रेजी शिक्षक राजेश कुमार पाठक, बहरामपुर मऊ के विज्ञान शिक्षक शिक्षक अरविंद कुमार सिंह, कोल बलिया के जीव विज्ञान शिक्षक शेखर चैहान, सोनाडिह बलिया के जीव विज्ञान शिक्षक अजीत कुमार कुशवाहा, सरायपुर पवई आजमगढ़ के सामाजिक विज्ञान शिक्षक सतीष कुमार तथा कोल बलिया के सामाजिक विज्ञान शिक्षक आदित्य सक्सेना के प्रमाण पत्र सत्यापन में फर्जी पाये गये। सभी को बर्खाश्त दिया गया।