
निलंबन से लेखपालों का भड़का गुस्सा, किया आरपार की लड़ाई का अह्वान
आजमगढ़. औरया में लेखपालों के निलंबन से नाराज जिले के लेखपालों ने आंदोलन तेज कर दिया है। जिलाध्यक्ष हरिद्वार सिंह के नेतृत्व में सोमवार को लेखपालों ने विरोध प्रदर्शन के बाद रिक्शा स्टैण्ड पर धरना देकर कार्य का बहिष्कार किया। और सरकार से लेखपालों पर की गयी कार्रवाई वापस लेने की मांग की।
जिलाध्यक्ष हरिद्वार सिंह ने कहा कि लेखपाल सरकार से भीख नहीं बल्कि अपना हक और अधिकर मांग रहे हैं इसके लिए वह अपना बलिदान देने को भी तैयार हैं। सरकार जबतक हमारी आठ सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं करेगी हमारा आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार हमारी मांगों को नहीं मान रही है। जिस पर राजस्व परिषद अपनी सहमती दे चुका है।
जिलामंत्री पंकज अस्थाना ने कहा कि हमारी सरकार से लम्बे समय से मांग चल रही है कि वेतन विसंगति को दूर किया जाये, पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू किया जाये, लेखपालों के भत्तो में वृद्धि किया जाए, साथ ही उनके वेतन का उच्चीकरण हो। इन सब पर राजस्व परिषद अपनी सहमति दे चुका है लेकिन सरकार इसे नहीं मान रही है। राजस्व उपनिरीक्षक सेवा नियमावली 2017 पर भी राजस्व परिषद अपनी सहमति प्रदान किया है। बावजूद इसके सरकार कैबिनेट में इसको पारित नहीं करा रही है। आज की परिस्थिति में लेखपाल 3रूपया 33 पैसे के पेट्रोल भत्ते पर कैसे प्रतिदिन समस्याओं का निराकरण करायेगा।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोरखनाथ यादव ने कहा कि जब कोई सांसद विधायक होने पर आजीवन पेंशन लेता है, जनप्रतिनिधियों को तीन-तीन पेंशन की सुविधा दी जाती है जबकि कर्मचारी 60 वर्षो की सेवा के बाद भी पेंशन का हकदार नहीं हो पाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में तानाशाही का कोई स्थान नहीं होता है। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए लेखपाल कई वर्षो से लैपटाप, स्मार्ट फोन की मांग कर रहें है, जनता से प्रार्थना पत्र, नकल का पैसा लेकर तहसीलों में करोड़ों रूपये जमा है सरकार जनता के कार्यो के लिए लेखपालों हेतु सरकार लेपटाप नहीं खरीद रहा है। धरने की अध्यक्षता शकील अहमद व संचालन अमित कुमार पांडेय ने किया।
इस अवसर पर पंकज अस्थाना, प्रेमप्रकाश यादव, रामानुज श्रीवास्तव, सुनील यादव, रामजन्म सिंह, राधेश्याम, अशोक यादव, सौरभ उपाध्याय, दिनेश कुमार, फहीम अहमद, साधना सिंह, शिवशंकर सिंह, राजबहादुर यादव, यशपाल चौहान, रामकृपाल सिंह, गोरखनाथ, दीपक प्रताप, लालता प्रसाद गुप्ता, सुनील कुमार चौधरी, चंद्रशेखर यादव, नरेन्द्र यादव, अरूण गुप्ता, कृष्ण यादव, समरजीत यादव, रामप्यारे यादव, विपिन सिंह, रामजतन, सुजीत मौर्य आदि मौजूद रहे।
By- रणविजय सिंह
Published on:
09 Jul 2018 07:09 pm
बड़ी खबरें
View Allआजमगढ़
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
