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विहिप नेता अंबरीश का बड़ा बयान, अयोध्या रामलला की जन्मभूमि, श्रद्धा साक्ष्य का मोहताज नहीं

विहिप के उत्‍तर प्रदेश संगठन मंत्री अम्बरीश ने कहा कि बाबर कभी अयोध्या गया ही नही तो उसका स्मारक क्यों बनाया जा रहा है।

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ambarish

अंबरीश

आजमगढ़. अयोध्या में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है । कोर्ट ने इस मामले से जुड़े कागजात और दस्तावेज के अनुवाद के लिए 3 महीने का समय दिया है और मामले की अगली सुनवाई 5 दिसंबर को होनी है। मगर इसी बीच विहिप के उत्‍तर प्रदेश संगठन मंत्री अम्बरीश के दिये गये बयान को लेकर एक बार फिर इस मामले को लेकर राजनीति तेज हो सकती है । विहिप के उत्‍तर प्रदेश संगठन मंत्री अम्बरीश ने कहा कि बाबर कभी अयोध्या गया ही नही तो उसका स्मारक वहां क्यों बनाया जा रहा है।

अम्बरीश शनिवार को विश्‍व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि रामजी का मंदिर दुनिया के लाखों मंदिरों में कोई एक मंदिर नही है बल्कि वह रामलला की जन्मभूमि का मंदिर है, जन्मभूमि बदली नही जा सकती और जन्मभूमि साक्ष्य की मोहताज नहीं होती है। उन्होंने कहा कि राम की जन्मभूमि हिन्दू के श्रद्धा का विषय है और श्रद्धा साक्ष्य का मोहताज नहीं होती। जब यहां विदेशियों का आक्रमण हुआ तो एक आक्रान्ता ने उस मंदिर को तोड़ा था। स्वाधीन देश में यह मंदिर बनना चाहिए जहां हिन्दू समाज की श्रद्धा है।

अम्बरीश ने कहा कि मंदिर-मस्जिद का कोई विवाद नही है, रामलला की जन्मभूमि हमारे पूर्वज की जन्मभूमि, हमारा अस्था केन्द्र, मार्ग बिन्दु है। उन्होंने कहा कि बाबर कभी अयोध्या में आया ही नही था। इसलिए उसके नाम का यहां स्मारक क्यों बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि के मार्ग में किसी को बांधा नही उत्पन्न करनी चाहिए क्योंकि यह हिन्दू के आस्था का विषय है और राजनैतिक दलों को भी आस्था का ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह स्थान हमे सौंप दें और मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो और आपस में सौहार्द बना रहेगा नही तो रामलला की जन्मभूमि पर विदेश आक्रांत की बात करने वालो से हम सौहार्द की बात नही करेंगे ।

BY- Ranvijay Singh