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विहिप नेता की चेतावनी, रामलला जन्म स्थान पर मस्जिद के लिए नहीं देंगे एक इंच जमीन, हिंदूओं की अनदेखी नहीं होगी बर्दाश्त

कहा- अभी तो हिंदू समाज ने अपने अपमान का बदला आधा ही लिया है, जब तक भव्य मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता तब तक हिंदू समाज चुप नहीं बैठेगा।

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VHP March in azamgarh

आजमगढ़ में बीजेपी का मार्च

आजमगढ़. बाबरी विध्वंस को विश्व हिंदू परिषद ने गुरूवार को शौर्य दिवस के रूप मनाया गया। इस दौरान जल्द से जल्द राम जन्म भूमि अयोध्या में भव्य मंदिर के निर्माण का संकल्प दोहराया गया। विहिप ने सोमनाथ की तर्ज पर मंदिर निर्माण कराने की मांग की। विहिप नेताओं ने कहा कि राम लला के जन्म स्थान पर मस्जिद के लिए एक इंच जमीन नहीं देंगे।

लाल डिग्गी स्थित बड़ा गणेश मंदिर पर आयोजित गोष्ठी को संबांधित करते हुए विहिप सहप्रांत संगठन मंत्री राजेश ने कहा कि 6 दिसंबर 1992 को हिंदू समाज ने देश में नया इतिहास रचते हुए इसी दिन 464 वर्ष पुराना कलंक का टीका भारत माता के माथे से हमेशा के लिए मिटा दिया। जो हिन्दूओं के शौर्य का प्रतीक बना। इसलिए प्रत्येक वर्ष हिंदू समाज उत्सव के रूप में मनाता है।

उन्होंने कहा कि 1528 में बाबर के आदेश पर उसके सेनापति मीर बाकी ने अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि पर बने विशाल मंदिर को तोप से उड़ा दिया था। हिंदू समाज और संतों ने उस समय खुलकर प्रतिकार किया परंतु हिंदूओं की ताकत कम पड़ी और लाखो हिंदुओं का कत्लेआम करते हुए उन्हीं के खून से गारा बनाकर एक ढांचा खड़ा कर दिया गया। जिसका नाम बाबरी मस्जिद रख दिया। हिंदू समाज 1528 से चुप नहीं बैठा, श्रीरामलला की जन्मभूमि को मुक्त कराने के लिए 76 बार संघर्ष हुआ लेकिन सफलता नहीं मिली।


उन्होंने कहा कि 1984 में विहिप ने आंदोलन शुरू किया। जिसकी परिणति 06 दिसंबर 1992 को राम जन्म भूमि पर बने जीर्णशीर्ण ढ़ांचे को हिंदू समाज ने हमेशा के लिए विदा कर इसे शौर्य का प्रतीक बनाते हुए छोटा सा मंदिर बना कर रामलला विराजमान कर दिया गया। जहां आज भी पूजा-अर्चना होती है। अभी तो हिंदू समाज ने अपने अपमान का बदला आधा ही लिया है। जब तक भव्य मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता तब तक हिंदू समाज चुप नहीं बैठेगा।


बजरंग दल के विभाग संयोजक गौरव रघुवंशी ने कहा कि रामभक्त 1950 से न्याय पालिका से राम जन्म भूमि को मुक्त कराने की गुहार लगा रहे है। 2010 से मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है लेकिन उच्चतम न्यायालय भी हिंदुओं की अनदेखी कर रहा है। हम सभी सरकार से मांग करते हैं कि संसद में कानून बनाकर सोमनाथ की तर्ज पर राम मंदिर का भव्य निर्माण कराया जाये। संतों और हिंदू समाज का संकल्प है कि जहां पर रामलला विराजमान है वहीं मंदिर का भव्य निर्माण होगा। एक इंच भूमि किसी को नहीं देंगे।

उन्होंने कहा कि 67 एकड़ भूमि अधिग्रहित सम्पूर्ण भूमि राममंदिर की है। अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा में कोई मस्जिद नहीं बनने देंगे। इसके साथ ही पूरे देश में बाबर के नाम का कोई भी मस्जिद विहिप को कतई स्वीकार नहीं है। तीन लाख गांवों से आयी हुई पूजित और तथा तराशे हुए पत्थर क द्वारा द्वारा ही राम जन्मभूमि का भव्य मंदिर निर्माण किया जाएगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता दीनानाथ सिंह ने की। इस अवसर पर आलोक राय, पंकज शर्मा, गौरव पांडेय, अरविन्द शंशाक, मिथुन राणा सिंह, अवनीश, प्रणय, सूरज, अंकित, राजू, गौतम, विपिन, भोला, अंकुर, सोनू, अशोक, अभि निषाद, गोविंद सिंह, अमित, पंकज, राज गौरव आदि मौजूद थे।

BY- RANVIJAY SINGH