बड़वानी. रोगी कल्याण समिति की साधारण सभा की बैठक में अहम निर्णय लेते हुए प्रभारी मंत्री ने आईसीयू का शुल्क एक हजार रुपए से घटाकर 500 रुपए किया है। गुरुवार शाम को रोकस की बैठक सीएमएचओ कार्यालय में हुई।इसके पूर्व हुई बैठक में कलेक्टर ने आईसीयू का चार्ज एक हजार रुपए कर दिया था।
जिसके बाद से ही शुल्क वृद्धि का विरोध होना शुरू हो गया था। पत्रिका ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। गुरुवार को हुई रोकस की बैठक में शुल्क वृद्धि को कम किया गया है। साथ ही जिला अस्पताल को कई सौगात देने का निर्णय भी लिया गया। वहीं, पिछले वर्षों में हुए कार्यों का अनुमोदन भी किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला चिकित्सालय में बनाए गए अत्याधुनिक आकस्मिक चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) में जब तक दो वेंटिलेटर नही लग जाते, तब तक इस कक्ष के एक पलंग का शुल्क एपीएल परिवार के लिए 1 हजार रुपए प्रति दिन के स्थान पर 5 सौ रुपये प्रति दिन रखा जाए।
बीपीएल परिवार के सदस्यो के लिए यह पूर्व के समान नि:शुल्क ही रहेगा। ओपीडी पर्ची का शुल्क पूर्व के समान 10 रुपए ही रखा जाए। जबकि भर्ती पर्ची का शुल्क 30 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए किया जाए। इस शुल्क से भी बीपीएल परिवार के सदस्य मुक्त रहेंगे।
ये रहे मुख्य निर्णय
- जिला अस्पताल के समस्त ओटी एवं रक्त बैंक के जनरेटर आटो स्टार्ट होना चाहिए।
विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री जिले के समस्त शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में लगे जनरेटर चालू है, इसकी जांच कराकर रिपोर्ट समिति के समक्ष पेश करेंगे।
- जिला अस्पताल में स्थापित दोनो रैन बसेरा को नगर पालिका को सौंपा जाए। जिससे वह इनमें राम रोटी केन्द्र प्रारंभ कर अटेंडरो को नाम मात्र के शुल्क पर भोजन उपलब्ध करा सके।
- जिला अस्पताल में रोगियों के अटेंडरो के लिए आरओ प्लांट लगाने का प्राकलन तैयार करवाया जाए। इस प्लांट से पीने का पानी कोई भी नि:शुल्क ले सकता हैं किन्तु बाटल या कैन में पानी भरने का शुल्क 1 रुपए प्रति लीटर निर्धारित किया जाए।
- जिला अस्पताल से निकलने वाले बायो वेस्ट पदार्थों को नष्ट करने के लिए कचरा भस्मक यंत्र लगाया जाए। इस यंत्र में जिला अस्पताल सहित प्रायवेट अस्पतालों के भी बायोवेस्ट को जलाया जाए। इसके लिए प्रायवेट अस्पतालो से निर्धारित शुल्क लिया जाए।
- जिला अस्पताल में उपयोग किए जाने वाले चादरों-तकियों के कवर, ओटी से निकलने वाले विभिन्न कपड़ों को प्रतिदिन धोने के लिए या तो बड़ी धुलाई यूनिट लगाई जाए या यह कार्य निविदा के माध्यम से करवाया जाए।
- महिला अस्पताल में स्थापित सीजर भर्ती कक्ष को पूर्णत: एयर कंडिशनर बनाया जाए। जिससे जच्चा-बच्चा को मौसम के उतार-चढ़ाव से होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके।
- जिला अस्पताल में दो सर्जन डॉक्टर एवं एक पैथालाजिस्ट अविल?ब पदस्थ करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाए।
- जिले के सबसे पिछड़े विकासखंड पाटी के दूर-दराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा बेहतर तरीके से पहुंच सके, इसके लिए यहां पदस्थ एएनएम को वनबंधु योजना के माध्यम से नि:शुल्क दो पहिया वाहन उपलब्ध कराया जाए। इन वाहनों में चिकित्सा उपकरण व संसाधन रखने की विशेष व्यवस्था करवाई जाए।
- जिले में पदस्थ समस्त एएनएम को विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण दिलवाने की व्यवस्था कराई जाए। यह प्रशिक्षण वर्ष में दो बार आयोजित हो। इन प्रशिक्षण में मनो चिकित्सक व ऐसे विशेषज्ञों से प्रशिक्षण दिलवाया जाए जो एएनएम को नवीन चिकित्सा प्रणाली या उपकरणों से परिचित करवा सके।
- जिला अस्पताल में रोगी कल्याण समिति के माध्यम से त्वरित कार्य हो सके, इसके लिए जिला पंचायत सीईओ की अध्यक्षता एवं सीएमएचओ, सिविल सर्जन, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग की सदस्यता में समिति बनाई जाए। जो निविदा आमंत्रित कराने की कार्रवाई कर सके।
- जिला अस्पताल के सभी वार्डों में मच्छर-मक्खी मारने की आटो मशीन लगवाई जाए।
ये थे उपस्थित
मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में आयोजित बैठक में
प्रभारी मंत्री विजय शाह के साथ क्षेत्रीय सांसद सुभाष पटेल, कलेक्टर
तेजस्वी एस नायक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रजनी डाबर,
सिविल सर्जन डॉ. अनिता सिंगारे, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री
जीपी पटेल, अधीक्षण यंत्री विद्युत चौहान, समिति के अशासकीय सदस्य सालकराम
जाट सहित जिला अस्पताल के विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टर उपस्थित थे।
फोटो- . रोकस की बैठक में निर्देश देते प्रभारी मंत्री।