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सीमेंट-सरिया के भावों में उछाल, घर बनाने का बजट गड़बड़ाया

रूस-यूक्रेन युद्ध का असर : भाव बढऩे से ठेकेदारों और सामग्री देने वाले को आर्थिक नुकसान

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 Prices of cement bars increased

Prices of cement bars increased

बड़वानी. युक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध का असर बाजार पर पड़ रहा है। इसमें मुख्य रूप से लोगों के अपने सपनों का घर बनाने की योजना का बजट गड़बड़ा गया है। वहीं जो ठेकेदार मय सामग्री भवन निर्माण करा रहे हैं तथा जो दुकानदारों ने दो-तीन माह पूर्व से सामग्री की बुकिंग की हैं, अब महंगी सामग्री उपलब्ध कराने में उनको भी आर्थिक झटका सहना पड़ रहा है।

बता दें कि युद्ध के चलते कई आवश्यक वस्तुओं के भावों में उछाल आया है। मुख्य रूप से खाद्य तेलों के दाम बढ़े हैं। साथ ही रोजमर्रा की अन्य सामग्रियों के दामों में भी बढ़ोतरी हो रही है। वहीं सरिया, सीमेंट, तार सहित आइल पेंट, पुट्टी, व्हाइट सीमेंट आदि के दामों में बढ़ोतरी से मकान निर्माण करवाने वाले लोगों का बजट भी 20 से 30 प्रतिशत बढ़ गया है। बीते माह के मुकाबले वर्तमान में सरिया का दाम 12 से 15 रुपए प्रतिकिलो, सीमेंट भी 10 से 15 रुपए प्रति बोरी सहित अन्य सामग्री पर महंगाई की मार पड़ी है। भवन निर्माणर सामग्री से जुड़े प्रतीक शर्मा के अनुसार फरवरी माह में सरिया का भाव 70 रुपए किलो के लगभग था, जो वर्तमान में 82 रुपए तक पहुंच गया है। सीमेंट प्रति बोरी में 10 से 15 रुपए बढ़ोतरी हुई है। तार का दाम 75 रुपए से 90 रुपए किलो हो गया। वाली व्हाइट सीमेंट, पुट्टी, आइल पेंट के दामों में बढ़ोतरी हुई है।

रुपयों की करना पड़ी जुगत
दिनेश ने बताया कि आवास योजना में कच्चा मकान तोडक़र नया निर्माण करने के लिए ठेके पर काम दिया। किश्त में जितनी राशि आई हैं, उतनी निर्माण सामग्री ली थी। सब कुछ बजट अनुसार था। चूंकी अब अचानक सामग्री के भाव बढऩे से काम रोकने की स्थिति आ गई है। इधर-उधर से रुपयों की जुगत करना पड़ रही है।

आवास योजना के हितग्राहियों के बजट भी बिगड़े
हि तग्राही जानूबाई दीवान ने बताया कि लंबे इंतजार के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम आया। मकान तोडक़र निर्माण शुरूकिया हैं, लेकिन इस बीच पिछले माह से सीमेंट-सरिया के दामों में वृद्धि से बजट गड़बड़ा गया। शासन के रुपयों से ही मकान बना रहे हैं। स्वयं के पास इतने रुपए नहीं हैं कि कुछ राशि लगा सके।