इस बार बारिक सौंफ के भावों में आई कमी, किसानों में मायूसी, व्यापारियों ने बताया क्वालिटी का अंतर
बड़वानी. शहर के राजघाट रोड स्थित कृषि उपज मंडी में इस रविवार सौंफ की महक फैली। इस दौरान साढ़े तीन सौ बोरी से अधिक आवक रही। किसान और व्यापारी शाम तक सौंफ की तुलाई और उठाव करते नजर आए। हालांकि मौसम का मिजाज बिगडऩे से सौंफ की रंगत खराब हुई है। इससे किसानों को गत वर्ष की तुलना इस बार अभी सौंफ के दाम कम मिल रहे है। विशेषकर दूसरों जिलों से यहां सौंफ बेचने आए किसान मायूस नजर आए। वहीं कम भावों को लेकर व्यापारियों का तर्क रहा कि अभी क्वालिटी कमजोर है।
कृषि उपज मंडी में क्षेत्र व जिले सहित आसपास धार, खरगोन, खंडवा, झाबुआ, आलीराजपुर तक के किसान सौंफ बेचने आते है। वहीं इंदौर-उज्जैन से शहरों से व्यापारी खरीदी करने आते है। बीते माह से मौसम में लगातार बादलों की मौजूदगी और बारिश का दौर चलने से सौंफ फसल पर प्रभाव पडऩे लगा है। इससे प्रारंभिक दौर में निकल रही फसल में काला व भूरा रंग नजर आ रहा है। इससे सौंफ के भाव अधिकतम 14000 रुपए प्रति क्ंिवटल से ऊपर नहीं पहुंच पा रहे है। मंडी प्रशासन के अनुसार रविवार को सर्वाधिक 351 बोरी सौंफ की आवक रही। इस दौरान क्वालिटी अनुसार सौंफ का भाव 5100 रुपए से लेकर 14 हजार रुपए प्रति क्ंिवटल तक रहा। अधिकांश सौंफ कमजोर क्वालिटी की होने से किसानों को 60 से 90 रुपए तक ही भाव मिले। कुछ ही किसानों को 100 रुपए किलो से अधिक भाव मिल सके।
बेमौसम बारिश से फूल झड़े
किसानों ने बताया कि बेमौसम बारिश से खेतों में लहलहा रही सौंफ फसल को नुकसान हुआ है। लगातार बादलों की मौजूदगी से रंगत बिगड़ रही है। हालांकि सप्ताहभर तक मौसम साफ रहा तो सुधार आने की उम्मीद है।