
Badwani news
बड़वानी। जिला अस्पताल में
अराजकता का माहौल खत्म नहीं हो रहा है। बुधवार को अस्पताल जांच के लिए खाली पेट आईं
8 से 9 माह की गर्भवती महिलाएं डॉक्टरों के इंतजार में चक्कर खाकर जमीन पर लेट गईं।
गर्भवती महिलाओं को सुबह 8 बजे अस्पताल बुलाया गया था। लेकिन 12 बजे तक कोई डॉक्टर
अस्पताल नहीं पहुंचीं। करीब 12.15 बजे पत्रिका की पहल पर दो डॉक्टर पहुंचीं और जांच
शुरू हुई।
कुक्षी, डही, चिखल्दा, रणगांव सहित आसपास के क्षेत्रों से 20 से
25 महिलाएं चेकअप के लिए पंजीयन करवाकर अपनी बारी का इंतजार करती रहीं। काफी देर तक
इंतजार करने के बाद परिजनों ने डाक्टर के बारे में पूछा तो कर्मचारियों ने ऑपरेशन
में व्यस्त होने की बात कही। 10.30 बजे एक गर्भवती महिला को भूख के मारे अचानक
चक्कर आने लगे इस पर उसे कमरे में लिटाकर पानी पिलाया गया। अन्य महिलाएं भी भूख के
मारे फर्श पर बैठ गईं। दोपहर 12 बजे तक महिलाएं डाक्टर का इंतजार करती रही, लेकिन
कोई डॉक्टर नहीं पहुंचीं।
परिजनों ने बयां किया दर्द
ग्राम चिखल्दा की
पुनीबाई ने बताया कि वह अपनी बहू रूपाली को लेकर सुबह 8 बजे चेकअप के लिए आई है।
डॉक्टर ने डिलेवरी की तारीख आज की दी है। बहू के पेट मे दर्द है। इसलिए सुबह जल्दी
आकर नंबर लगा दिया था। जांच करने के लिए बहू को सुबह से कुछ खाने को नहीं दिया है।
बहू बार-बार कुछ खाने को मांग रही है। लेकिन जांच होने के बाद ही खाना दे सकते है।
कुक्षी से आई शीतल पति शैलेंद्र ने बताया कि हम चेकअप के लिए सुबह 8 बजे यहा आ गए
थे। तीन घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं लेकिन डॉक्टर नहीं आए है। मैंने सुबह
से कुछ नहीं खाया है। अगर डॉक्टर समय पर जांच कर लें तो कुछ खा
सकूं।
पत्रिका ने दी सीएमएचओ को सूचना
पत्रिका ने दोपहर 12.05 पर
सीएचएमओ डॉ. रजनी डावर को फोन पर गर्भवती महिलाओं को हो रही परेशानी की सूचना दी।
इस पर उन्होंने व्यवस्था कराने की बात कही। दोपहर 12.10 बजे डॉ.चंद्रकांता गुप्ता व
डॉ. नीलम कातिया ओपीडी में पहंुचीं व महिलाओं का इलाज शुरू किया।
आदेश हुए
दरकिनार
एसडीएम दीपक आर्य ने दो दिन पूर्व ही अस्पताल का निरीक्षण कर आवश्यक
निर्देश दिए थे। इसमें ओपीडी, डॉक्टरों के समय पर उपस्थित होने के साथ सफाई का भी
विशेष्ा ध्यान रखने की बात कही गई थी, लेकिन डॉक्टरों ने दो दिन पूर्व दिए एसडीएम
के आदेशों को भी दरकिनार कर दिया।
तैनात हैं 8 डॉक्टर
जिला महिला
चिकित्सालय में आठ डाक्टरों की टीम तैनात है। इसमें से डॉ. चंद्रकांता गुप्ता, डॉ.
रमेशचंद्र चोयल, डॉ. नीलम कातिया विशेष्ाज्ञों के रूप में ड्यूटी करते है। लेकिन
बुधवार को इनमें से एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था।
डॉक्टर घर पर भी करती हैं
जांच
अस्पताल में जांच करवाने आईं महिलाओं का कहना था कि हम यहां डॉ. चंद्रकांता
गुप्ता से इलाज करवा रहे हंै। डॉ. गुप्ता घर पर भी इलाज करती हंै। यहां उपस्थित
अधिकांश महिलाओं ने बताया कि वह गुप्ता मैडम के आवास पर नंबर लगा कर यहां आई हैं।
वे यहां एक बजे तक देखती हैं। अस्पताल में नंबर नहीं लगने पर वह डॉक्टर के घर
जाएंगी। वहां 200 रूपए फीस लेकर इलाज कराएंगे। इसके चलते उन्हें आर्थिक परेशानी का
भी सामना करना पड़ रहा है
करूंगी डॉक्टरों से बात
अभी मैं फील्ड में में
हूं। डॉक्टरों को ओपीडी में रहने के निर्देश दिए हैं। ऑफिस पहुंचने के बाद डॉक्टरों
से बात करूंगी।
डॉ.रजनी डावर सीएचएमओ बड़वानी.
सुधार के लिए सख्त
कदम उठाए जाएंगे
इस मामले में बात कर कार्रवाई करूंगा। व्यवस्थाओं के सुधार के
लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
दीपक आर्य एसडीएम बड़वानी
अस्पताल में ऎसे
बीते परेशानी के चार घंटे
सुबह 8 बजे शुरू हुआ पंजीयन।
सुबह 8.30 बजे
कर्मचारियों ने कहा- डॉक्टर अभी ऑपरेशन थियेटर में हैं।
सुबह 9.50 बजे गर्भवती
महिला को आए चक्कर रूम में लिटाया।
सुबह 10 बजे परिजनों ने कर्मचारियों से पूछा-
कब आएंगे डाक्टर।
सुबह 11 बजे नहीं पहंुचा कोई डॉक्टर। खाली पड़ी ओपीडी मरीज
होते रहे परेशान।
दोहपर 12.15 पर पहंुचीं डॉ. गुप्ता व कातिया।
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