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गुड खाने से पहले हो जाए सावधान! खतरनाक कैमिकल से तैयार हो रहा गुड़

गुड खाने के शौकीन हैं तो जरा इस खबर पर गौर करें। गुड बनाने में खतरनाक कैमिकल का प्रयोग किया जा रहा है। लोगों ने कोल्हू संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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Benefits of eating jaggery

खतरनाक कैमिकल से तैयार हो रहा गुड़

बागपत में कोल्हू संचालक गुड बनाने में खतरनाक कैमिकल का उपयोग कर रहे हैं। बड़ौत के बड़का गांव मेंं कोल्हू संचालक खतरनाक कैमिकल से गुड़ तैयार कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। लेकिन शिकायतों के बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। इससे क्षेत्रवासियों में रोष व्याप्त है। उन्होंने विभागीय अफसरों से कोल्हुओं के मानकों की जांच करने के अलावा कैमिकल से गुड़ तैयार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पश्चिम यूपी के गुड के स्वाद के लोग दीवाने हैं

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तैयार होने वाला गुड़ देश के अलावा विदेशों में भी भेजा जाता है। पश्चिम यूपी के गुड के स्वाद के लोग दीवाने हैं। लेकिन धीरे-धीरे पश्चिम यूपी के गुड के स्वाद की शुद्धता खत्म होती जा रही है। गुड बनाने वाले क्रेशरों में धड़ल्ले से खतरनाक कैमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। जो स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है।

खाने का मीठा सोडा या हाइड्रो पाउडर डालकर सफाई की जाती रही, ताकि गुड़ का रंग निखर जाए
एक कोल्हू संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सामान्य तौर पर कोल्हू में गुड़ बनाने के लिए गन्ने की पेराई करके रस निकला जाता है और उसे एक बड़े कढ़ाहे में पकाया जाता है। पहले गुड़ की सफाई के लिए भिंडी के पौधे, सकराई आदि जड़ी बूटियां प्रयोग होती थी। उसके बाद जब जड़ी बूटियां समाप्त हो गईं तो खाने का मीठा सोडा या हाइड्रो पाउडर डालकर सफाई की जाती रही, ताकि गुड़ का रंग निखर जाए।

हाइड्रो कैमिकल जैसे खतरनाक कैमिकल का प्रयोग कर रहे
कुछ कोल्हू संचालक गुड़ बनाने के लिए चमकीला व केसरिया रंग देने के लिए हाइड्रो कैमिकल (सेफोलाइट) जैसे खतरनाक कैमिकल का प्रयोग कर रहे हैं। जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता है। इसकी शिकायत कई बार की गई है। इसको लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों व तहसीलदार को मौके पर भेजकर जांच कर कार्रवाई कराने की मांग भी की गई है। कोल्हू संचालकों की इस लापरवाही से पश्चिम यूपी के गुड की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।