
बागपत। दामाद के साथ मायके से जाते समय अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई बेटी का शव मिलने के बाद परिजनों ने बागपत स्थित एसपी कार्यालय पर शव रखकर हंगामा किया। परिजनों ने आरोपी मौलवी दामाद को गिरफ्तार करने के साथ ही बिनौली में तैनात थाना प्रभारी को संस्पेड करने की गुहार लगाई। वहीं मुजफ्फरनगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पांच साल पहले की थी बेटी की शादी
बिनौली थाना क्षेत्र के शेखपुरा निवासी जिलेदीन ने अपनी पुत्री आसिफा की शादी पांच वर्ष पूर्व मुजफ्फरनगर के कशेरवा निवासी आबिद के साथ की थी। आबिद मदरसे में बच्चों को पढ़ाता है। बताया जा रहा है कि आसिफा अपने मायके में आई हुई थी। 16 सितम्बर को उसका पति अपने तीन साथियों के साथ कार लेकर गांव पहुंचा। आरोप है कि इसके वह मायके से जबरन पत्नी आसिफा को लेकर निकल गया। इसके बाद उसकी हत्या कर गाजियाबाद के टीला मोड के पास शव को जंगल में जला दिया। वहीं बेटी का कुछ पता न लगने पर पिता जिलेदिन ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा उन्हें गुमराह किया गया। काफी दबाव के बाद भी आरोपी को मामूली धराओं में चालान कर जेल भेज दिया। जबकि आरोपी ने पत्नी की हत्या करना स्वीकार किया है।
आरोपी ने बताया गंगनहर में फेंका शव, लेकिन जला मिला
वही पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी मौलवी ने बताया कि उन्हें पत्नी का रंग काला होने की वजह से उसकी हत्या कर शव को गंगनहर में डाल दिया। इस परिजन बेटी का शव नहर में तलाश कर रहे थे, लेकिन आसिफा का शव जली हालत में गाजियाबाद से मिला। परिवार को इसका पता पुलिस द्वारा अखबार में दी गई सूचना से लगा। अब परिवार ने मृतका का शव एसपी ऑफिस पर रखकर लापरवाह पुलिसकर्मियों को निलंबित करने व आरोपी को 302 की धारा में गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की है। हंगामा की सूचना पर कोतवाली पुलिस व सीओ मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। जिसके बाद पीडि़त अपने गांव लौट गए।
Published on:
26 Sept 2019 07:26 pm
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