29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Video- Lok Sabha Election 2019: पूर्व प्रधानमंत्री के पोते की पत्‍नी यूपी की इस सीट से लड़ेंगी चुनाव!

- सपा और बसपा के सीटों के बंटवारे के बाद अब गठबंधन की स्थिति हुई साफ - रालोद सुप्रीमो ने सपा और बसपा के साथ तीन सीट पर किया समझौता - चौधरी अजित सिंह और जयंत चौधरी की सीट भी हुई लगभग तय

2 min read
Google source verification
charu chaudhary

Lok Sabha Election 2019: पूर्व प्रधानमंत्री के पोते की पत्‍नी यूपी की इस सीट से लड़ेंगी चुनाव!

बागपत। सपा और बसपा के सीटों के बंटवारे के बाद अब गठबंधन की स्थिति भी साफ हो गई है। दलबदल कर सत्ता में बने रहने का सुख भोगने वाले चौधरी अजित सिंह को आज अपनी विरासत बचाची मुश्किल हो गई है। प्रदेश की 80 सीटों पर खुद के प्रत्याशी उतारने वाली रालोद इतनी कमजोर हो गई है कि उसको अपना अस्तित्व बचाने के लिए गठबंधन ही एकमात्र विकल्प दिखाई दिया। रालोद सुप्रीमो ने सपा और बसपा से तीन सीट पर समझौता कर लिया है। अब तीनों सीटों पर रालोद परिवार के लोगों को ही लड़ाने का निर्णय ले चुका है। हालांकि, एक सीट पर पार्टी अभी कुछ बोलने से परहेज कर रही है। संभावना है कि मथुरा सीट पर चौधरी अजित सिंह की पुत्रवधु ही प्रत्याशी होंगी।

यह भी पढ़ें:Lok Sabha Election 2019: बसपा सुप्रीमो मायावती यूपी की इस सीट से लड़ेंगी चुनाव!

पिछले लाेकसभा चुनाव में हाशिये पर आ गई थी रालोद

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने किसानों के मसीहा के नाम से ख्याती पाई थी। किसानों के मसीहा बनकर फैसले भी लिए थे, जिसका नतीजा यह रहा कि उत्‍तर प्रदेश में रालोद की पैठ बनी। कई साल तक वेस्‍ट यूपी में रालोद का सिक्‍का चला। लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव के बाद यह हाशिये पर आ गई। अस्तित्‍व बचाने के लिए रालोद ने गठबंधन से हाथ मिलाया और तीन सीटों पर समझौता कर लिया। बसपा ने भी तीन सीटों पर अपने प्रत्याशी न उतारने पर सहमति दे दी। रालोद अब बागपत, मुजफफरनगर और मथुरा सीट से चुनाव लड़ेगी।

यह भी पढ़ें:लोकसभा सीट की लिस्ट जारी होने के बाद बसपा हुई दो फाड़, बड़ी वजह आई सामने

बागपत और मुजफ्फरनगर से नाम तय

बागपत से जयंत चौधरी और मुजफफरनगर से अजित सिंह के नाम तय हैं। मथुरा से अभी तक किसी भी प्रत्याशी का नाम रालोद ने नहीं लिया है। राजनीतिक विश्लेषक सतवीर सिंह राठी के अनुसार, रालोद आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। मथुरा सीट से पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पौत्रवधु चारू चुनाव लड़ सकती हैं। चौधरी अजित सिंह को अब बाहरी लोगों पर विश्वास नहीं रह गया है। बागपत विधानसभा सीट से सहेंद्र सिंह रमाला इसका उदाहरण है। इस वजह से चौधरी परिवार खुद तीनों सीटों पर चुनाव लड़ेगा। हालांकि मथुरा से निदर्लीय विधायक श्याम सुंदर शर्मा भी रालोद के विकल्प हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें: सपा-बसपा के बीच सीटों के बंटवारे के साथ ही मिली बड़ी सफलता, यह दल भी आया साथ

Story Loader