
बाएं(प्रतीकात्मक तस्वीर), दाएं(मौजूदा ईमारत)
Bagpat News: बागपत के बरनावा में लाक्षागृह पर पिछले 53 साल से चल रहे विवाद का 12 सितंबर को फैसला आ सकता है। मेरठ की अदालत में सन 1970 में दायर किए गए इस केस की आज सुनवाई हो सकती है। हिंदू पक्ष द्वारा बाटे गए लाक्षागृह(Lakshagriha) को मुस्लिम पक्ष बदरुद्दीन की मजार कब्र बताते हैं।
108 बीघे जमीन का है ये विवाद
बागपत में मौजूद इस 108 बीघे जमीन पर पांडव के समय का एक सुरंग है, जिसके आधार पर ये दावा किया जाता है कि इसी सुरंग के जरिए पांडव लाक्षागृह से बचकर भागे थे। वहीं, मुस्लिम पक्ष ने ये आरोप लगाया है कि कब्रिस्तान को खत्म करके यहां हिंदु तीर्थ बनाना चाहते हैं। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यहां शेख बदरुद्दीन की मजार और एक बड़ा कब्रिस्तान मौजूद है। इतना ही नहीं, ये सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड(Sunni Central Waqf Board) में बतोर वक्फ प्रोपर्टी रजिस्टर्ड है।
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बरनावा से बागपत तक आज भी मौजूद है गुफा
बरनावा से बागपत तक करीब 30 किमी लंबी गुफा आज भी वहां मौजूद है। यह सुरंग करीब चार फिट चौड़ी है। आर्कियॉलजिकल सर्वे आफ इंडिया(Archaeological Survey of India) ने दो दशक पहले इस जगह की खुदाई भी की थी, लेकिन किन्ही वजहों से खुदाई रोक दी गई थी।
Updated on:
12 Sept 2023 11:50 am
Published on:
12 Sept 2023 11:48 am
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