
बागपत। रिचा तोमर पर हम सभी को गर्व है, लेकिन क्यों आइए जानते हैं। कहते हैं सपनों में जान हो तो हौसलों से उड़ान भरी जा सकती है। ऐसा ही सपना पूरा कर दिखाया है किसान की बेटी रिचा तोमर ने जो बागपतके एक छोटे से गांव हसनपुर जिवानी री रहने वाली है। लेकिन जब सपने देखे तो उसे पूरा करने की जीद भी थी और जूनून ऐसा कि आईपीएस की पासिंग आउट परेड में रिचा को ऑल राउंड लेडी आईपीएस चुना गया और उन्हें अब खुद गृहमंत्री गृहमंत्री अमित शाह ने बेस्ट कैडेट के गोल्ड मेडल से नवाजा।
शादी के बाद किया सपना पूरा
देश के बाहर और देश के भीतर बेटियों अपने सपनों को जी रही हैं। ऐसा ही नाम अब सुर्खियों में बना हुआ है रिचा तोमर का। लेकिन रिचा के लिए राह आसान नहीं थी, लेकिन जज्बे और दृढ विश्वास से उन्होंने अपना मुकाम हासिल किया। दरअसल रिचा तोमर ने 2016 के बैच में आईपीएस कैडर के लिए चुनी गई थीं। लेकिन लो मेरिट होने से वह संतुष्ट नहीं थी। इस वजह से 2017 में दुबारा परीक्षा दी और उसमें 153वीं रैंक हासिल की। इसके बाद रिचा ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद चली गईं। इस बीच ट्रेनिंग के बीच में ही उन्हें वापस आना पड़ा। क्योंकि उन्हें बेटा पैदा होने के कारण छुट्टी लेनी पड़ी। लेकिन बेटे को कुछ दिन संभालने के बाद एक बार फिर वो अपने सपनों की ओर चली और सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस एकेडमी हैदराबाद में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अब 24 अगस्त 2019 में पासिंग आउट परेड में 15 महिला ट्रेनर अधिकारी में रिचा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। रिचा को राजस्थान कैडर मिला है।
परिवार और ससुराल का मिला पूरा साथ
रिचा के पति भी दिल्ली पुलिस में एएसपी हैं। खास बात ये है कि रिचा ने शादी के बाद ये उपलब्धि हासिल की है। उनका ढाई साल का एक बेटा भी है। लेकिन परिवार के सपोर्ट और लक्ष्य को केंद्रित कर रिचा ने आज ये मुकाम हासिल कर लिया है। रिचा की इस उपलब्धि को सुनते ही उनके गांव में जश्न मन रहा है। रिचा के पिता राजेन्द्रपाल सिंह किसान हैं और माता ऊषा देवी गृहिणी हैं। लेकिन पिता ने किसी भी पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। रिचा की बड़ी बहन पूजा तोमर, दीपा चौधरी व डा. प्रियंका सिंह, छोटी बहन निवेदिता शिक्षिका और भाई रजत है। रिचा का कहना है कि पति के साथ ही ससुलार ने भी उनका पूरा सहयोग किया और आज बड़ों के आशिर्वाद और विश्वास से ही लक्ष्य को प्राप्त कर सकी हैं।
रिचा को मिला राजस्थान कैडर
रिचा ने बताया कि अकादमी में शारीरीक और अकादमिक तौर पर सक्षम होना जरूरी है। जब आप अपने लक्ष्य को समर्पित होते हैं, तो उसे हासिल कर लेते हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण लेने के बारे में उलझन में थी, लेकिन ससुराल वालों और परिवार के सदस्यों ने मेरा समर्थन किया और आज मैं यहां हूं। वहीं राजस्थान कैडर मिलने पर रिचा तोमर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारतीय पुलिस सेवा ज्वाइन करने के बाद उनका पहला काम महिलाओं से जुड़े अपराधों को खत्म करना होगा।
Updated on:
27 Aug 2019 02:41 pm
Published on:
27 Aug 2019 02:40 pm
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