
सपा-बसपा के बीच सीटों के बंटवारे के साथ ही मिली बड़ी सफलता, यह दल भी आया साथ
बागपत. लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर गठबन्धन में आखिरकार आरएलडी ने जगह बनाने में सफलता हासिल कर ली है। पश्चिमी यूपी के में 18 जिले में अपने वर्चस्व के लिये जाट लेंड की धाक रखने वाली पार्टी राष्ट्रीय लोक दल ने सपा-बसपा के साथ तीन सीटों पर समझौता कर लिया है। एरएलडी को गटबंधन और कांग्रेस में से किसी एक ओर जाने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन गरुवार को सपा-बसपा के बीच सीटों के बंटवारे की घोषणा के साथ ही आरएलडी को लेकर चल रहे कयासों पर भी विराम लग गया।
गठबंधन में मिले सीटों से आरएलडी के संतुष्ट हो जाने से मोदी सरकार के खिलाफ यूपी में गठबन्धन को और भी मजबूती मिली है। अब यह साफ हो गया है कि सपा-बसपा और रालोद एक साथ चुनाव में उतरेगी। इस संबंध में आरलडी प्रतिनिधि अरुण तोमर ने बताया कि गुरुवार को गठबंधन की ओर से सीटों की घोषणा होतचे ही आरएलडी ने बागपत से जयन्त चौधरी और मुजफ्फरनगर से चौधरी अजित सिंह को उम्मीदवार बनाने का फैसला कर लिया है। वहीं, एक सीट मथुरा की की रालोद के खाते में आई है, जिस पर अभी उम्मीदवार का फैसला नहीं किया गया है। गौरतलब है कि गठबन्धन में अपनी जगह बनने के लिए जयन्त चौधरी लगातार प्रयाश कर रहे थे। जयन्त चौधरी कांग्रेस के महासचिव ज्योतिराज सिंधिया और अखिलेश यादव से बराबर सम्पर्क बनाए हुए थे। जिसका उनको फायदा मिला और एक सीट और लेकर आरएलडी ने गठबन्धन में जगह बना ली है। सपा-बसपा गठबंधन से रालोद को बागपत की सीट मिलने से एक बार फिर से यहां आरएलडी का झंडा बुलंद होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि इस गठबंधन से कुछ तबका नाराज हो सकता है, जो बीजेपी के साथ खड़ा नजर आएगा। हालांकि, बागपत में बीजेपी नेताओं की गुटबाजी भी गठबन्धन को फायदा पहुंचाएगी, जिससे मंत्री सत्यपाल सिंह को नुकसान होने की आशंका है।
Published on:
21 Feb 2019 07:59 pm

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