
25 साल बाद भी चमड़ा उद्योग का नहीं हो पाया विकास
जयपुर. दिल्ली-अजमेर एक्सप्रेस हाइवे-8 पर स्थित राजधानी जयपुर से मात्र 40 किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत मानपुरा माचैड़ी के तहत रीको इंडस्ट्रीयल एरिया सरकार की उदासीनता के कारण 25 साल बाद भी विकसित नहीं हो पाया। जानकारी के अनुसार चमड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मानपुरा माचैड़ी लेदर इंडस्ट्रीयल एरिया 1995 में स्थापित किया था, जिसमें सिर्फ चमड़े से संबंधित फैक्ट्रियां लगाने का प्रावधान रखा गया। यहां रीको की ओर से 39 फैक्ट्रियों के लिए भूखंड आवंटित किए गए, लेकिन इतने साल बाद भी अब तक 19 फैक्ट्रियों का निर्माण हो पाया। इनमें भी वर्तमान में सिर्फ 10 फैक्ट्री ही चालू हालत में है। इनकी की हालत खस्ता है और यहां माह में 18 दिन ही कार्य चलता है।
इंडस्ट्रीयल एरिया में 4 फैक्ट्री चमड़ा फर्निशिंग की है, जिसमें से एक ईकाई बंद हो चुकी है। इसी प्रकार 4 फैक्ट्री कच्चे चमड़े की लगी है। जिनमें तीन कार्यशील है। 2 मांस की फैक्ट्रियां है। जिनमें से एक पिछले माह फरवरी में ही शुरू की गई है। यहां कच्चा चमड़ा जयपुर, भीलवाड़ा, ब्यावर, उदयपुर, जोधपुर नागौर सहित राजस्थान के अन्य जिलों से खरीदा जाता है।
तैयार होकर यह चमड़ा पकाई व रंग रोगन के लिए यहां लगी पक्के चमड़े की फर्निसिंग फैक्ट्री सहित मद्रास, गाजियाबाद, करनाल, कानपुर सहित अन्य स्थानों पर जाता है।
अन्य उद्योग लगें तो हो विकास
जानकारी के अनुसार यह क्षेत्र 25 साल बाद भी विकसित नहीं हो पाया, जिसका कारण है कि यह इंडस्ट्रीयल एरिया चमड़े उद्योग के लिए आरक्षित है। इससे अन्य फैक्ट्रियां या उद्योग यहां नहीं लगा सकते । जिसके चलते ही अधिकतर भूखंड खाली पड़े हुए हैं।
आरक्षित होने से व्यापारियों ने मुंह मोड़ा
चमड़ा उद्योग से जुड़े हुए व्यापारी विनोद आर्य, संदीप मांगो ,करतार सिंह, सुरेश कुमार, अमित खींची, राजेश नागोरा, सलाउद्दीन ने बताया कि अगर इस क्षेत्र को सरकार सामान्य घोषित करे तो यह रीको एरिया एक साल में ही विकसित हो जाएगा। जिससे राज्य सरकार की आमदनी भी बढ़े और लोगों को रोजगार भी मिल जाए। चमड़ा उद्योग घाटे का सौदा साबित होने के बाद अब फैक्ट्री मालिक यूनिट विकसित करने से मुंह मोड़ रहे हैं। भूखंड धारी एरिया के सामान्य होने की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
मंत्री, सांसद, विधायक भी कर रहे दरकिनार
यह फैक्ट्री एरिया एक्सप्रेस हाइवे से सटा होने के कारण राज्य सरकार के मंत्री, विधायक व केंद्र सरकार के मंत्री, सांसद का आना-जाना यहां से रहता है, लेकिन इस रीको इंडस्ट्रीयल एरिया की दुर्दशा को देखकर किसी का भी इस ओर ध्यान नहीं जाता।
Published on:
18 Mar 2020 05:17 pm
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