
व्याख्यानमाला में विचार व्यक्त करते वक्ता।
कोटपूतली. यहां राजकीय एलबीएस महाविद्यालय में सोमवार को हिंदी दिवस पर हिंदी विभाग व अखिल भारतीय साहित्य परिषद की कोटपूतली इकाई के संयुक्त तत्वावधान में व्याख्यानमाला का आयोजन हुआ। इसमेें वक्ताओं ने हिंदी भाषा के वैश्विक महत्व, सांस्कृतिक आधार और आधुनिक परिप्रेक्ष्य पर विचार व्यक्त किए। इसी अवसर पर महाविद्यालय में राजस्थान का पहला साहित्यिक क्लब भी गठित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्र प्रचार प्रमुख डॉ. महावीर प्रसाद कुमावत के मुख्य आतिथ्य में हुआ। अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की।मुख्य अतिथि ने कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति की आत्मा है और चुनौतियों के बावजूद अपने स्वरूप को बनाए हुए हैं। उन्होंने रोजगार के अवसरों में हिंदी की प्रासंगिकता पर भी जोर दिया। विशिष्ट अतिथि साहित्य परिषद के प्रांत प्रमुख डॉ. ओमप्रकाश भार्गव ने कहा कि हिंदी मातृभाषा ही नहीं बल्कि सबसे वैज्ञानिक और प्रमाणिक भाषा है, जो संवेदनाओं और भावों को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। प्राचार्य डॉ. आर.के. सिंह ने हिंदी के इतिहास, संवैधानिक स्थिति और महत्व के बारे में बताया। विभागाध्यक्ष डॉ. सत्यवीर सिंह ने हिंदी के अतीत, वर्तमान और भविष्य की झलक प्रस्तुत करते हुए जनसंचार, फिल्म, सोशल मीडिया और वैश्विक परिदृश्य में हिंदी की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया। हिंदी विभाग की पहल पर महाविद्यालय में राजस्थान का पहला साहित्यिक क्लब गठित किया गया। इसकी कार्यकारिणी में प्राचार्य डॉ. आरके सिंह संरक्षक, डॉ. सत्यवीर सिंह अध्यक्ष, मुकेश कुमार अग्रवाल कोषाध्यक्ष, छात्र कन्हैया सैनी व छात्रा विनीता शर्मा साहित्य सचिव मनोनीत किए गए। क्लब अध्यक्ष ने कहा कि यह क्लब विद्यार्थियों को साहित्य और नवाचार की दिशा में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। इस अवसर पर हिंदी विभाग के संकाय सदस्य डॉ. माधुरी गंगावत, चंदन सिंघल, बरखा, शीशराम मीना मौजूद रहे।
Updated on:
18 Sept 2025 05:59 pm
Published on:
18 Sept 2025 05:59 pm
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