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सरकारी अस्पताल का कम्पाउण्डर ‘ डॉक्टर’ बनकर चला रहा था निजी अस्पताल

- शिकायत के बाद एसडीएम ने किया निरीक्षण- छापामार कार्रवाई, दवाइयां जब्त, मचा हड़कंप

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बगरू

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Kashyap Avasthi

Dec 03, 2019

सरकारी अस्पताल का कम्पाउण्डर ' डॉक्टर'  बनकर चला रहा था अस्पताल

सरकारी अस्पताल का कम्पाउण्डर ' डॉक्टर' बनकर चला रहा था अस्पताल

जयपुर. राजधानी के करधनी में जिला कलक्टर जयपुर दक्षिण जगत राजेश्वर के नेतृत्व में मंगलवार को सीएमएचओ जयपुर आयुष चिकित्सक, ड्रग इंस्पेक्टर एवं करधनी थाना पुलिस टीम ने अवैध रूप से संचालित अस्पताल में पर कार्रवाई कर भारी मात्रा में दवाएं जब्त की हैं। जानकारी के अनुसार कलक्ट्रेट में मिली शिकायत मिली कि जयपुर रोड के करधनी में झोलाछाप एक अस्पताल संचालित कर रहा है।


उपजिला कलेक्टर जयपुर दक्षिण जगत राजेश्वर टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जहां विनोद कुमार शर्मा मिला। उसने खुद को गणपति सैटेलाइट हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का एमडी बताया। पूछताछ की तो पता चला कि वह कंपाउण्डर है। कंपाउण्डर रहते हुए एमडी डिग्रीधारी चिकित्सक बनकर अस्पताल का संचालन कर रहा था। वह कालवाड़ रोड के पचार गांव में राजकीय चिकित्सालय में कम्पाउण्डर के पद पर तैनात था। अस्पताल में उसने मेडिकल स्टोर भी संचालित कर रखा था जो कि बिना लाइसेंस चल रहा था। बताया जा रहा है कि यह अस्पताल लंबे समय से संचालित किया जा रहा था और यहां एक मरीज को गलत ड्रिप लगा दी गई थी और उसकी शिकायत के बाद कार्रवाई की गई।

जांच में सामने आया कि मेडिकल स्टोर में उपलब्ध दवाइयों की खरीद की रसीद भी उपलब्ध नहीं कराई गई। राजेश्वर ने बताया कि बिना किसी रजिस्टे्रशन के अवैध रूप से कंपाउण्डर लोगों का इलाज कर रहा था। देर रात तक टीम दवाएं जब्त करने में जुटी रही। उधर, कार्रवाई की भनक लगते ही झोलाछाप भूमिगत हो गए। साथ ही कई मेडिकल स्टोर संचालक भी दुकानें बंद कर चले गए।


ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप कर रहे इलाज


जयपुर जिले के ग्रामीण अंचल में झोलाछाप क्लिनिक खोलकर बैठे है और लोगों का इलाज कर रहे हैं। विभाग की उदासीनता के चलते उन पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जिले के फागी, रेनवाल मांजी, सहित अन्य क्षेत्रों में झोलाछाप कई वर्षों से जमे बैठे हैं।