बहराइच

यूपी में एक और मेले पर लगा प्रतिबंध, वन्य संरक्षित क्षेत्र में लक्कड़ शाह की मजार का वन्य विभाग के पास नहीं है कोई इतिहास

बहराइच के कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के मुर्तिहा रेंज के जंगल में बिछिया-मिहींपुरवा मुख्य मार्ग से 500 मीटर दूर स्थित लक्कड़ शाह बाबा की मजार पर हर साल जेठ के महीने में लगने वाला मेला इस बार प्रतिबंधित कर दिया गया है

2 min read
May 30, 2025

प्रदेश में एक और मेले पर रोक लगा दी है, यह मेला बहराइच जिले के वन्य संरक्षित क्षेत्र में लक्कड़ शाह की मजार पर लगता है। वन विभाग ने सुरक्षा के नाते इस मेला को लगाने की अनुमति नहीं दी है। बता दें कि सैय्यद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर मेले की भी अनुमति नहीं दी गई वहीं गोरखपुर जिले में लगने वाले बाले मियां के मेले को भी अनुमति नहीं दी गई क्योंकि वहां फोर लेन में सड़क चौड़ीकरण के कारण रास्ता बुरी तरह अस्त व्यस्त है।

वन्य संरक्षित क्षेत्र में लगने वाले उर्स पर लगी रोक

क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक मुर्तिहा कोतवाली इलाके में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के बीच लक्कड़ शाह की मजार बनी हुई है। मजार किसने बनवाई और कब बनी इसकी जानकारी वन विभाग को भी नहीं है। धीरे-धीरे यहां उर्स के रूप में मेला लगने लगा। इसमें बहराइच से सटे कई जिले के लोग आने लगे। इस मेले को जियारत नाम से मशहूर किया गया।वन संरक्षित क्षेत्र में लगने वाले उर्स पर इस बार रोक लगा दी गई है। डीएफओ का कहना है कि यह एक अतिक्रमण है, जो सेंचुरी एरिया यानी कोर जोन में पड़ता है, इसलिए इस पर अब प्रतिबंध लगा दिया गया है।

वन विभाग के पास नहीं है लक्कड़ शाह की मजार का इतिहास

लक्कड़ शाह की मजार पर लगने वाले उर्स पर रोक लगाने के बाद उस इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। इनमें वन कर्मियों के अलावा निरीक्षक, उपनिरीक्षक व पुलिस कर्मी समेत तकरीबन 100 लोग वहां ड्यूटी पर तैनात हैं जिससे कि किसी भी तरह से शांति भंग नहीं की जा सके।प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट बी शिवशंकर ने बताया कि कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग वन संरक्षित क्षेत्र है। यहां टाइगर, लेपर्ड के अलावा कई अन्य जानवर भी हैं। जिस जगह मेला लग रहा था, वह भी कोर जोन में पड़ता है, इसलिए वहां अनुमति नहीं दी गई है।

Published on:
30 May 2025 07:45 pm
Also Read
View All

अगली खबर