13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आईएएस अफसर के भाई ने कहा, अनुराग करने वाले थे बड़ा खुलासा, लेकिन…

कर्नाटक कैडर के आईएएस अफसर अनुराग तिवारी की संदिग्ध मौत का राज खंगालने के लिए दिल्ली से आई सीबीआई की टीम अनुराग तिवारी से जुड़े हर प्वाइंट की बारीकी से जांच कर रही है। 

2 min read
Google source verification

image

Shatrudhan Gupta

Jul 05, 2017

IAS Officer Anurag Tiwari

IAS Officer Anurag Tiwari

बहराइच. कर्नाटक कैडर के आईएएस अफसर अनुराग तिवारी की संदिग्ध मौत का राज खंगालने के लिए दिल्ली से आई सीबीआई की टीम अनुराग तिवारी से जुड़े हर प्वाइंट की बारीकी से जांच कर रही है। उसे जहां-जहां से अनुराग तिवारी के कनेक्शन जुड़े मिल रहे हैं, वे वहां पहुंच कर जांच कर रही है। बहराइच निवासी आईएएस अफसर अनुराग तिवारी 2007 बैच में चयनित कर्नाटक कैडर के आईएएस अफसर थे, जिनकी तैनाती बैंगलूरू में फूड सेल - सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट में सीनियर अफसर के पद पर तैनाती थी।


कर्नाटक कैडर के तेज तर्रार एवं ईमानदार अफसरों में शुमार अनुराग की लाश पिछले महीने लखनऊ के हजरतगंज इलाके में सड़क किनारे पड़ी मिली थी। घटना से सूबे की सरकारी मशीनरी में हड़कंप मच गया था। यह वाकया उस दिन हुआ, जिस दिन अनुराग का जन्म दिन था। पैतृक आवास बहराइच में अनुराग तिवारी की मां अपने बेटे की लंबी उम्र की दुआओं के लिए प्रकांड पंडितों से महामृत्युंजय का जाप करा रही थीं। इसी बीच बेटे के मौत की खबर ने घर में कोहराम मचा दिया। मृतक अफसर के परिजन इस घटना को शुरू से ही प्लान मर्डर बता रहे है।

आईएएस अनुराग के भाई मयंक तिवारी ने पत्रिका से बातचीत करते हुए कहा कि घटना की जांच के लिए यूपी सरकार की तरफ से गठित एसआईटी की टीम मामले को हादसा बनाने में शुरू से ही जुटी रही। कर्नाटक में अनुराग के बंगले पर मामले की जांच करने गई सीबीआई की टीम ने परिजनों के कहने के बावजूद अनुराग के लैपटॉप आदि की जांच नही की और मामले को नशावृत्ति से जोडऩे के लिए घर में रखी अनुराग के माता-पिता की दवाओं की फोटोग्राफी करके उल्टे पांव वापस लौट आई। आईएएस अनुराग के बड़े भाई मयंक तिवारी ने कहा की अपने महकमें में फैले कुछ बड़े घोटाले बाजों के सिंडिकेट का पर्दाफाश करने वाले दस्तावेज अनुराग के पास थे, जिसकी रिपोर्ट वह जल्द ही प्रधानमंत्री कार्यालय को सौपने वाले थे। इसकी भनक पाकर बड़े शातिराना तरीके से अनुराग के प्लान को डिफ्यूज करने का कांड रचा गया।

अनुराग के सगे भाई और करीबी मित्र की भूमिका अदा करने वाले मयंक कहते हैं, अनुराग पिछले करीब 6 माह से परेशान था, जिसको लेकर उसने अपने सरकारी बंगले पर 6 सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए थे और अपने बेटे जैसे पुली नाम के लेब्राडोर डॉग को सुरक्षा गार्डों संग बाहर करके अकेले कमरे में सोते थे। बीते 10 वर्षों में पहली बार अनुराग डरा और सहमा नजर आया। मयंक ने बताया कि अनुराग तिवारी अपनी सर्विस के 10 साल पूरे होने पर 2007 बैच के आईएएस दोस्तों की टोली संग पार्टी मनाने के लिए बहराइच से लखनऊ के मिलेनियम होटल में पहुंचा था, जहां बीते 14 मई के दिन उसने पार्टी अटेंड की थी। उसके बाद लखनऊ के मीराबाई गेस्ट हाउस में एलडीए वीसी के साथ गेस्ट हाउस के कमरे में ठहरा हुआ था, जिसकी लाश 17 मई की सुबह गेस्ट हाऊस से महज 50 मीटर की दूरी पर लावारिस हालत में मिली। उन्होंने कहा कि यह एक पहले से प्लान मर्डर है। यदि सही तरीके से जांच होगी तो आरोपी गिरफ्त में होंगे।