अनुराग के सगे भाई और करीबी मित्र की भूमिका अदा करने वाले मयंक कहते हैं, अनुराग पिछले करीब 6 माह से परेशान था, जिसको लेकर उसने अपने सरकारी बंगले पर 6 सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए थे और अपने बेटे जैसे पुली नाम के लेब्राडोर डॉग को सुरक्षा गार्डों संग बाहर करके अकेले कमरे में सोते थे। बीते 10 वर्षों में पहली बार अनुराग डरा और सहमा नजर आया। मयंक ने बताया कि अनुराग तिवारी अपनी सर्विस के 10 साल पूरे होने पर 2007 बैच के आईएएस दोस्तों की टोली संग पार्टी मनाने के लिए बहराइच से लखनऊ के मिलेनियम होटल में पहुंचा था, जहां बीते 14 मई के दिन उसने पार्टी अटेंड की थी। उसके बाद लखनऊ के मीराबाई गेस्ट हाउस में एलडीए वीसी के साथ गेस्ट हाउस के कमरे में ठहरा हुआ था, जिसकी लाश 17 मई की सुबह गेस्ट हाऊस से महज 50 मीटर की दूरी पर लावारिस हालत में मिली। उन्होंने कहा कि यह एक पहले से प्लान मर्डर है। यदि सही तरीके से जांच होगी तो आरोपी गिरफ्त में होंगे।