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कुल्लू, मनाली के टूरिस्टों के लिए नेपाल से जा रही थी नशे की बड़ी खेप!

भारत-नेपाल की खुली सीमा देश विरोधी अराजक तत्वों के साथ ही नशे के सौदागरों और तस्करों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

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 Bahraich news

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बहराइच. भारत-नेपाल की खुली सीमा देश विरोधी अराजक तत्वों के साथ ही नशे के सौदागरों और तस्करों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आप को बता दें कि इंडिया-नेपाल बॉर्डर रुपईडीहा के रास्ते नशे के कारोबारी चरस, स्मैक, गांजा, अफीम, कोकिन, ब्राउन शुगर से लेकर ड्रग्स जैसे तमाम घातक नशीली सामग्रियों की खेप को सीमा पार कर भारत सहित तमाम खाड़ी देशों तक सप्लाई करने का एक बड़ा रैकेट चला रहे हैं। इस बात की गवाही के लिए भारत-नेपाल बॉर्डर रुपईडीहा पर लगी एसएसबी की 7वीं बटालियन की टीम ने नेपाल से करीब 40 लाख रुपए की कीमत वाली चरस की खेप समेत जय कृष्णा नाम के एक नेपाली कोरियर को गिरफ्तार किया है। एसएसबी के अफसरों की पूछताछ में उसने बताया की वो इस नशे के सामान की डिलिवरी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली जैसे शहरों में स्थित होटलों में ठहरने वाले विभिन्न प्रांतों से आने वाले विदेशी टूरिस्टों के लिए ले जा रहा था।

उसने बताया कि ये नशीले पदार्थ वह चोरी से बेचता था। साथ ही उसने ये भी कुबूला की इस धंधे के एवज में उसे गिरोह के सरगना द्वारा 80 हजार रुपए इंडियन करेंसी का नजराना मिलता है। यहीं नहीं, रुपईडीहा बॉर्डर पर लगी एसएसबी की टीम ने अभी दो दिन पूर्व भी एक नेपाली चरस तस्कर को लाखों की चरस के साथ गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया था। उसके बावजूद तस्करों पर किसी भी तरह का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है।

24 घंटे जवान करते हैं निगरानी
सातवीं वाहिनी रुपईडीहा बॉर्डर पर तैनात तमिलनाडु कैडर के तेज तर्रार अफसर और एसएसबी कमांडेंट अनिल कुमार गिरी ने Patrika.Com को बताया की हमारे जवान 24 घंटे बॉर्डर की चौकसी में तत्परता के साथ डटे हुए हैं। इंडो-नेपाल बॉर्डर से गुजरने वाले लोगों की कड़ी सघन तलाशी के बाद ही सरहद में आने जाने की इजाजत दी जा रही है, जिसका नतीजा है की आए दिन चोरी चुपके से सीमा पार करने वाले तस्कर एसएसबी की गिरफ्त में आ रहे हैं। गिरफ्त में आए तस्कर को रुपईडीहा थाने के सुपुर्द कर दिया गया है। वहीं, रुपईडीहा के थानाध्यक्ष नशे के नेटवर्क से जुड़े बड़े आकाओं का राज जानने के लिए आरोपी तस्कर से पूछताछ करने में जुटे हैं।