9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चार सिपाहियों ने पेश की इंसानियत की मिसाल, खून देकर 3 सगे भाई बहनों की बचाई जान

कप्तान की अपील पर चार सिपाहियों ने किया रक्तदान

2 min read
Google source verification
example of humanity

Four soldiers set the example of humanity

बहराइच. यूं तो वर्दीधारी पुलिस का बर्बर चेहरा लोगों के दिलों दिमाग में फितूर की तरह बसा हुआ है, लेकिन जो तस्वीर हम आपको दिखाने जा रहे हैं उसे देख कर यकीन मानिये मित्र पुलिस के प्रति गलत सोंच का वहम कुछ हद तक दूर हो जाएगा। ये मामला है बहराइच जिले का है, जहां पुलिस के 4 जवानों ने SP की अपील सुनकर 3 सगे भाई बहनों की जान बचाने के लिए रक्तदान करके जान बचाने का काम किया है।

बहराइच पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह को दूरभाष पर सूचना प्राप्त हुई कि कटिलिया भूपसिंह थाना रिसिया जनपद बहराइच के रहने वाले इमरान उम्र 24 वर्ष, फैजान खा उम्र 06 वर्ष पुत्रगण मुंशरीफ, सना उम्र 10 वर्ष पुत्री मुंशरीफ आपस में सगे भाई-बहन हैं एवं थैलासीमिया ( Thalassemia ) नामक गम्भीर बीमारी से ग्रस्त हैं। उपरोक्त लोगों का इलाज पीजीआई लखनऊ में चल रहा है और उन्हें रक्त की तत्काल आवश्यकता है। पिता मुंशरीफ का पूर्व में निधन हो जाने के कारण उनके इलाज की जिम्मेदारी उनकी माता हाजरून उठा रही हैं तथा उनके द्वारा हर संभव प्रयास करने के बावजूद कोई रक्तदान करने वाला व्यक्ति उन्हें नहीं मिल पा रहा था।

ये भी पढ़ें - घर में हो रही ही बारात की तैयारी, तभी दूल्हे की आई कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट

पीड़ितों का जीवन बचाने को रक्तदान करने का लिया निर्णय

उपरोक्त के संबंध में सूचना प्राप्त होने पर पुलिस अधीक्षक द्वारा रक्तदान करने की अपील की गई जिसके क्रम में पुलिस अधीक्षक के स्कोर्ट में तैनात आरक्षी धनंजय कुमार, आरक्षी जयेन्द्र वर्मा, आरक्षी संजीव कुमार यादव व डायल 112 की पीआरबी 1535 पर तैनात आरक्षी हरि शंकर पाण्डेय द्वारा पीड़ितों का जीवन बचाने हेतु रक्तदान करने का निर्णय लिया गया तथा जिला अस्पताल बहराइच पहुंचकर आरक्षी गण उपरोक्त द्वारा रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की गई। आरक्षीगण के द्वारा रक्तदान किए जाने से भावविभोर होकर हाजरुन ने उन्हें ह्रदय से धन्यवाद देते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। पुलिस अधीक्षक द्वारा आरक्षी गण को उनके इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए गुड एंट्री प्रदान की गई है।