26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

IAS अनुराग तिवारी के सबसे करीबी दानेश अप्पा का नहीं लिया बयान

अनुराग तिवारी की मौत मामले में एसआईटी ने उनके नौकर दानेश के बयान नहीं लिए।

2 min read
Google source verification

image

Dhirendra Singh

May 27, 2017

Anurag Servert Danesh

Anurag Servert Danesh

बहराइच. कर्नाटक कैडर के IAS अनुराग तिवारी की रहस्यमयी मौत की गुत्थी 10 दिन बीत जाने के बाद भी नहीं सुलझ पाई है। अनुराग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला और भी गहराता जा रहा है। बहराइच जिले के कानूनगोपुरा इलाके के रहने वाले 2007 बैच के कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी की मौत गत 17 मई की सुबह लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित मीराबाई स्टेट गेस्ट हॉउस के नजदीक संदिग्ध में हुई थी। उनकी लाश गेस्ट हाउस से चंद कदमों की दूरी पर सड़क किनारे लावारिश हाल में पड़ी मिली थी। उनकी मौत को लेकर तरह-तरह के अटकले लगाए जा रहे हैं, वहीं अनुराग के सबसे खास नौकर दानेश अप्पा ने कई अहम खुलासे किए हैं।
कर्नाटक प्रान्त का रहने वाला दानेश अप्पा अनुराग तिवारी का उस समय से सबसे करीबी नौकर रहा है, जब उन्होंने कर्नाटक कैडर में नौकरी ज्वाइन की थी। जब अनुराग तिवारी के बीते लम्हों के मसले पर अनुराग तिवारी के निजी नौकर दानेश बातचीत की गई तो उसने कई अहम बातें बताई। उसने रोते हुए कन्नड़ भाषा में कहा कि साहब (आईएएस अनुराग) लोगों के द्वारा भेजे गए उपहारों को वापस लौटा देते थे। यही नहीं उसने कई बार लोगों को डांटते हुए फाईलें वापस करते भी देखा था। उनसे बताया कि वह किसी के अनुचित दबाव में न काम करते थे, न ही किसी की गलत बात को मानने के लिए तैयार होते थे।

देखें वीडियों -




परिवारीजनों ने साफ़ तौर पर आरोप लगाया है कि उनके बेटे अनुराग के साथ हादसा नहीं बल्कि हत्या जैसा जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया है। इसकी जांच के लिए अनुराग तिवारी के परिजनों ने यूपी सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बाकायदा पत्राचार कर मृतक IAS अफसर अनुराग तिवारी मर्डर कांड की CBI जाँच कराने की मांग की है। इसी प्रक्रिया में यूपी सरकार की तरफ से गठित एसआईटी की टीम बीते 24 मई की शाम अनुराग तिवारी के घरवालों का बयान दर्ज करने पहुंची जहाँ टीम में शामिल हजरतगंज के सीओ अवनीश मिश्रा व इंस्पेक्टर आनंद शाही ने परिजनों से करीब दो घँटे तक बंद कमरे में वीडियो कैमरे की नजर में सभी का बयान दर्ज किये। लेकिन टीम के अफसरों ने अनुराग तिवारी के सबसे करीबी नौकर दानेश का बयान लेना ठीक नहीं समझा और बिना दानेश का बयान लिए एसआईटी की टीम वापस लौट गई।