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कान्हा नेशनल पार्क में मौजूद हैं 118 बाघ, 146 तेंदुए

प्रतिवर्ष पहुंचते हैं डेढ़ लाख से अधिक सैलानी, वन्य जीवों की प्रचुरता और जैविकी विविधताओं के लिए मशहूर है पार्क

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कान्हा नेशनल पार्क में मौजूद हैं 118  बाघ, 146  तेंदुए

कान्हा नेशनल पार्क में मौजूद हैं 118 बाघ, 146 तेंदुए

बालाघाट. प्रदेश में स्थापित नेशनल पार्कों के प्रति देशी पर्यटकों के साथ विदेशी पर्यटक बहुत तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इनमें कान्हा नेशनल पार्क भी शामिल है। यह पार्क वन सम्पदा, वन्य जीवों की प्रचुरता और जैविकी विविधताओं से लबरेज है।
मंडला और बालाघाट जिले की सीमा से लगा यह पार्क प्राकृतिक और पर्यावरणीय गौरव के लिए जाना जाता है। क्षेत्रफल के लिहाज से इसका देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय पार्कों में शुमार है। कोर वन मण्डल (राष्ट्रीय उद्यान) व बफर जोन वन मण्डल कान्हा टाईगर रिजर्व के अन्तर्गत आते हैं। इन दोनों वन मण्डल का क्षेत्रफल क्रमश: 940 और 1134 वर्ग किमी है। राष्ट्रीय उद्यान में 91 हजार 743 वर्ग किमी का क्षेत्रफल क्रिटिकल टाइगर हेबीटेट के रूप में अधिसूचित है। इसके अलावा टाइगर रिजर्व के अधीन एक वन्य प्राणी अभयारण्य सेटेलाइट मिनी कोर फेन अभयारण्य है, जो 110.74 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है।
विविध प्रकार के हैं वन्य जीव
टाइगर रिजर्व में वन्य प्राणी गणना आंकलन 2020 के अनुसार कान्हा नेशनल पार्क में 118 बाघ और 146 तेंदुए मौजूद हैं। बाघों में 83 वयस्क और 35 शावक शाामिल है। इसके अलावा जंगली कुत्ता, लकड़बग्घा, सियार, भेडिया, भालू, लोमड़ी, जंगली बिल्ली, जंगली सूकर, गौर, चीतल, बारासिंघा, सांभर, मेढ़क-मेढ़क, चौसिंघा, नीलगाय, नेवला, पानी कुत्ता (उद बिलाव) सेही, लंगूर, बंदर, मोर प्रजाति के वन्य जीव उपलब्ध हैं। साथ ही स्तनधारियों की तकरीबन 43 प्रजाति, पक्षियों की 325, सरी सृप की 39, कीट की 500, मकड़ी की 114 और पतंगों और तितलियों की भी अनेक प्रजाति पर्यटकों को अपनी ओर खींचती हैं।
हर साल बढ़ती है पर्यटकों की संख्या
राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय पर्यटक नियमित रूप से कान्हा टाइगर रिजर्व पहुंचते हैं। यह सामान्यत: अक्टूबर से 30 जून तक खुला रहा करता है। नेशनल पार्क में प्रवेश के लिए खटिया, किसली, सरही व मुक्की के 4 गेट हैं। इसी प्रकार मध्यप्रदेश टूरिज्म सहित अन्य बड़े घरानों के होटल भी हैं। वर्ष 2019-2020 में कोर जोन में 90 हजार 135 देशी, 13 हजार 875 विदेशी और बफर जोन में 13 हजार 928 देशी व 305 विदेशी पर्यटकों ने पर्यटन किया। वर्ष 2020-2021 में कोर जोन में डेढ़ लाख से ज्यादा देशी और 109 विदेशी पर्यटक आए। बफर जोन में 19 हजार 395 देशी, 6 विदेशी पर्यटकों ने पर्यटन किया। वर्ष 2020-21 में कोर जोन में कुल डेढ़ लाख से ज्यादा और बफर जोन में 19 हजार 401 पर्यटक आए। इधर, वर्ष 2019 में अंग्रेजी भाषा में सर्वश्रेष्ठ प्रकाशन श्रेणी के तहत कान्हा कापी टेबल बुक को भारत सरकार की ओर से पार्क प्रबंधन के लिए भारत पर्यटन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 2020 में पार्क को अनुभूति कार्यक्रम के उत्कृष्ट संचालन के लिए राज्य सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया है।
वन्य प्राणियों की सुरक्षा में तैनात है 962 अमला
केटीआर में वन्य प्राणियों के सुरक्षा के लिए सहायक वन संरक्षक, वन क्षेत्रपाल, उपवन क्षेत्रपाल, वनपाल, वनरक्षक, स्थायीकर्मी, सुरक्षा या समिति श्रमिक और भूतपूर्व सैनिक सहित 962 व्यक्ति तैनात हैं। इसके अलावा रिजर्व क्षेत्र के लिए 162 पुरूष और 13 महिलाएं गाइड का दायित्व निभाती हैं। उल्लेखनीय है कि कान्हा नेशनल पार्क पहुंचने के लिए पर्यटक वायु मार्ग से निकटतम जबलपुर 100 किमी, रायपुर 250 किमी और नागपुर 300 किमी की दूरी तय कर पहुंच सकते है। इसी तरह निकटतम रेलवे स्टेशन नैनपुर, गोंदिया, जबलपुर है। नैनपुर से मंडला जिले के खटिया व सरही गेट पहुंचा जा सकता है।