
राजा भोज महाविद्यालय में मनाई गई 130 वीं जयंती- देशवासियों के लिए आदर्श है नेहरुजी
बालाघाट. नेहरूजी इंग्लैंड के हैरो स्कूल में पढ़ाई करते थे। एक दिन सुबह अपने जूतों पर पॉलिश कर रहे थे, तब अचानक उनके पिता पं. मोतीलाल नेहरू वहां पहुंचे गए। उन्होंने जवाहरलाल को जूतों पर पॉलिश करते देख कहा क्या यह काम तुम नौकरों से नहीं करा सकते। इस पर जवाहरलाल ने उत्तर दिया जो काम मैं खुद कर सकता हूं, उसे नौकरों से क्यों कराऊं? नेहरू जी का मानना था कि इन छोटे-छोटे कामों से ही व्यक्ति आत्मनिर्भर होता है। इसलिए सभी विद्यार्थियों को नेहरूजी के जीवन से जुड़े इस घटना से सीख लेकर आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लेना चाहिए। यह विचार प्राध्यापक बीआर तुरकर ने महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहे।
शहर की उच्च शैक्षणिक संस्थान राजा भोज शासकीय महाविद्यालय में राज्य शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरु का 130 वां जन्मदिन (बाल दिवस) बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संगोष्टि का आयोजन हुआ।
नेहरु जी की जयंती पर महाविद्यालय के 12 छात्र-छात्राओं ने अपने शोध पत्र का वाचन किया। इस दौरान विषय विशेषज्ञ के रूप में मनोज टेम्भूर्णे, डॉ रविन्द्र अहरवाल, शालिनी मेश्राम उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संचालन डॉ कुसुमलता उइके के मार्गदर्शन में डॉ निखत खान, डॉ रीना मिश्रा, रागिनी गुप्ता, अनिता देशमुख, निगहत अफसाना खान द्वारा किया गया।
Published on:
16 Nov 2019 05:39 pm
बड़ी खबरें
View Allबालाघाट
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
