
नव निर्मित वाल के नीचे से बह रहा तालाब का पानी
सरकारी निर्माण कार्यो में किस तरह से लापरवाही कर पलीता लगाया जाता है, बैहर क्षेत्र में देखा जा सकता है। दरअसल बैहर के वार्ड नंबर 13 स्थित प्राचीन सियारपाठ तालाब का नगर पंचायत बैहर ने रेनोवेशन कार्य करवाया है। वाल निर्माण, पौधा रोपण, पीचिंग सहित अन्य कार्य तालाब के रेनोवेशन के तहत किए गए। हालहि में हुई बारिश में तालाब की वाल ढह गई। लगभग 71 लाख के रेनोवेशन कार्य में पानी फिरता नजर आया।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। वार्ड के जागरूकजनों ने निर्माण कार्य गुणवत्ताहीन और मुरुम के स्थान पर मिट्टी का उपयोग सहित पीचिंग कार्य में लगाए गए पत्थरों के भी मापदंड के अनुरूप नहीं होने के आरोप लगाए हैं। पूरे मामले में तकनीकि जांच की मांग की जा रही है।
जानकारी के अनुसार पिछले गर्मी के सीजन में जीर्णोद्वार कार्य के लिए राशि स्वीकृत होने के बाद कार्य किया गया। जुलाई माह में लगातार हो रही बारिश के कारण तालाब की वाल ढह गई। स्थानीय जनों की नाराजगी के बाद जिम्मेदारों ने तालाब की वाल का पुन: निर्माण करवाया है। लेकिन इस कार्य में भी लापरवाही दिखाई देती है। वाल निर्माण के बावजूद वाल के नीचे से तालाब का पानी तेज से बह रहा है। बारिश का मौसम समाप्ती की ओर है और तालाब में पानी संग्रहित नहीं हो पाया है। बताया गया वर्तमान समय तक करीब 50 लाख से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है। लेकिन मौके पर इतनी बड़ी रकम का कार्य होना दिखाई नहीं देता है।
वार्डवासियों की माने तो सियारपाठ तालाब काफी प्राचीन तालाबों में से एक है। कृष्ण जन्माष्टमी, भुजली, गणेशोत्सव, नवरात्र, हरितालिका तीज सहित वर्ष भर आने वाले हर तीज त्योहारों में स्थानीय पूजन अर्चन और विसर्जन के दौरान इसी तालाब का उपयोग किया करते हैं। तालाब लोगों की आस्था से भी जुड़ा हुआ है। बैहर क्षेत्र के एक बड़े क्षेत्र का जलस्तर बनाए रखने में भी सियारपाठ तालाब अहम भूमिका निभाता आ रहा है। कारण यहीं है कि स्थानीय जन गुणवत्ता पूर्ण कार्य किए जाने की मांग कर रहे हैं।
नगर पंचायत से जुड़े जानकारों की माने तो जिस निर्माण एजेंसी को नपं बैहर ने कार्य की जिम्मेदारी सौंपी है वह सही से काम नहीं कर रही है। वर्तमान समय तक भी तालाब के चारों ओर पौधा रोपण नहीं किए गए हैं। ना ही ग्रिल लगाई गई है। पीचिंग कार्य के दौरान लगाए गए पत्थर भी गायब होने लगे हैं। इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बावजूद तालाब की सुंदरता और रौनक नहीं लौट पाई है। नगर पंचायत के जनप्रतिनिधिगण भी पूरे मामले में मौन साधे हुए हैं। निर्माण एजेंसी मनमुताबिक कार्य को अंजाम दे रही है।
वर्सन
इस तरह की जानकारी हमें लगी थी। हमने अभी निर्माण एजेंसी का भुगतान रोका हुआ है। कार्य पूर्ण होने और गुणवत्ता जांच के बाद ही भुगतान किया जाएगा। वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है।
दिलीप बाड़ेबुचे, सीएमओ नगर पंचायत बैहर
Published on:
29 Aug 2025 04:34 pm
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