
बैठक में पक्षी सर्वेक्षण की जानकारी देते अधिकारी।
कान्हा टाइगर रिजर्व जैव विविधता से परिपूर्ण संरक्षित वनक्षेत्र है। कान्हा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत पक्षियों की प्रजातियों की पहचान करने और आम जनमानस में वन्यप्राणी संरक्षण की भावना जगाने के लिए सतत रुप से पक्षियों का सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की गणना करना है। इस तरह के सर्वेक्षण से पक्षियों के बारे में अधिक जानकारी इकठ्ठा करना है।
बालाघाट. कान्हा टाइगर रिजर्व जैव विविधता से परिपूर्ण संरक्षित वनक्षेत्र है। कान्हा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत पक्षियों की प्रजातियों की पहचान करने और आम जनमानस में वन्यप्राणी संरक्षण की भावना जगाने के लिए सतत रुप से पक्षियों का सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की गणना करना है। इस तरह के सर्वेक्षण से पक्षियों के बारे में अधिक जानकारी इकठ्ठा करना है। उनके प्राकृतिक आवास, व्यवहार में कोई बदलाव सहित अन्य का अध्ययन करना है।
कान्हा टाइगर रिजर्व में पक्षी सर्वेक्षण 13 से 16 जून तक आयोजित किया गया है। इंदौर की संस्था वाइल्ड लाइफ एंड नेचर कंर्जेवेंसी के सहयोग से सांतवां पक्षी सर्वेक्षण किया जा रहा है। जिसका प्रारंभ 13 जून को ईको सेंटर खटिया में एसके सिंह क्षेत्र संचालक कान्हा टाइगर रिजर्व ने किया। इस दौरान उन्होंने संबोधित करते हुए पक्षी सर्वेक्षण में ली जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया। पक्षी सर्वेक्षण में 10 राज्यों के 85 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है। जिसमें महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उतराखंड सहित अन्य राज्यों के प्रतिभागी शामिल है। कार्यक्रम में उपसंचालक पुनीत गोयल (कोर), उप संचालक अमिता केबी (बफर), पार्क अधीक्षक, सहायक संचालक, परिक्षेत्र अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रतिभागियों को कोर, बफर व फेन परिक्षेत्रों के 42 केम्पों का चयन कर पक्षी सर्वेक्षण के लिए भेजा गया। जिसमें समस्त प्रतिभागियों के देखे गए पक्षियों की जानकारी का संकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। समस्त पक्षी सर्वेक्षण की रिपोर्ट ई-बर्ड ऐप के माध्यम से संकलित की जाएगी।
Published on:
13 Jun 2024 10:03 pm
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