16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जिले में 87.1 प्रतिशत पुरुष तो 69.7 प्रतिशत महिला साक्षर

विश्व साक्षरता दिवस आज पर विशेष, साक्षरता के मामले में प्रदेश में चौथे स्थान पर बालाघाट जिला, जिले की साक्षरता दर 78.3 प्रतिशत

2 min read
Google source verification
balaghat news

जिले में 87.1 प्रतिशत पुरुष तो 69.7 प्रतिशत महिला साक्षर

बालाघाट. न तो एजुकेश हब और न ही यहां बहुतायत संख्या में बड़े शिक्षण संस्थान। बावजूद इसके बालाघाट जिला साक्षरता दर में प्रदेश की सूची में चौथे स्थान पर है। जबकि पहले स्थान पर जबलपुर जिला है। बालाघाट जिले की साक्षरता दर 78.3 प्रतिशत है। जबकि जबलपुर की 82.5 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट होता है कि बालाघाट जिले में शिक्षा के प्रति न केवल लोगों में जागरुकता आई है। बल्कि लोग शिक्षित होना चाह रहे हैं। जिसके कारण प्रत्येक जनगणना वर्ष में बालाघाट जिले की साक्षरता दर बढ़ रही है।
जानकारी के अनुसार बालाघाट जिले की साक्षरता दर वर्ष 1991 में 53.2 प्रतिशत थी। जबकि वर्ष 2001 में हुई जनगणना में यह साक्षरता दर बढ़कर 68.7 प्रतिशत हो गई। वहीं वर्ष 2011 को हुई जनगणना में जिले का साक्षरता प्रतिशत बढ़कर 78.3 प्रतिशत हो गया। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले समय में होनी वाली जनगणना में साक्षरता का प्रतिशत इससे भी और अधिक बढ़ जाएगा।
प्रेरकों ने किया निरक्षर को साक्षर
जिला परियोजना समन्वयक पीके अंगुरे से मिली जानकारी के अनुसार साक्षर भारत योजना के तहत जिले में अच्छा कार्य किया गया है। जिसमें प्रेरकों ने अच्छा कार्य किया है। प्रेरकों द्वारा सभी निरक्षरों को साक्षर करने का कार्य में सहयोग प्रदान किया है। इसके अलावा जिले में शाला त्यागी बच्चों का भी सर्वे कराया गया था। जिसमें सर्वे के अनुसार मौजूदा समय में 693 शाला त्यागी बच्चे ही मिले। इन बच्चों में अधिकांश तो बालाघाट जिले से पलायन कर चुके हैं। हालांकि, पहले शाला त्यागी बच्चों की संख्या अधिक थी, जो प्रतिवर्ष कम होते जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में करीब एक हजार प्रेरक वर्तमान समय में कार्य कर रहे हैं।
शिक्षा के प्रति हो रहे जागरुक
डीईओ और डीपीसी का कहना है कि शिक्षा के प्रति लोगों में जागरुकता आई है। जिसके कारण भी जिले की साक्षरता दर में बढ़ोत्तरी हुई है। हालांकि, शासन-प्रशसन द्वारा भी लगातार शिक्षा के स्तर को उपर उठाने के लिए कार्य किया जा रहा है। आने वाली जनगणना में जिले का साक्षरता दर इससे भी अधिक हो जाएगी।
प्रदेश में साक्षरता दर में टॉप पांच जिले
क्रमांक जिला दर पुरुष महिला
१. जबलपुर 82.5 89.1 75.3
२. इंदौर 82.3 89.2 74.9
३. भोपाल 82.3 87.4 76.6
४. बालाघाट 78.3 87.1 69.7
५. ग्वालियर 77.9 87.5 68.3
नोट आंकड़े प्रतिशत में, स्रोत-स्टेट सिर्सोस सेंटर मप्र
इनका कहना है
साक्षर भारत योजना के तहत जिले में साक्षरता का प्रतिशत बढ़ा है। वहीं शाला त्यागी बच्चों में भी पहले की अपेक्षा काफी कमी आई है। सर्वे के आधार पर जिले में 693 शाला त्यागी बच्चे चिन्हित किए गए है। सभी के प्रयासों से जिले की साक्षरता दर अन्य जिलों से बेहतर हो पाई है।
-पीके अंगुरे, डीपीसी, बालाघाट
प्रेरकों द्वारा अशिक्षित लोगों को शिक्षित करने का कार्य किया गया है। शालाओं में पृथक से कक्षाएं लगाई गई है। शिक्षा के प्रति लोगों में जागरुकता भी आई है। जिसके कारण जिले की साक्षरता दर बढ़ रही है। हालांकि, सभी को लोगों को शिक्षित किए जाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ताकि यह जिला पूरी तरह से साक्षर हो जाए।
-निर्मला पटले, डीईओ, बालाघाट

बड़ी खबरें

View All

बालाघाट

मध्य प्रदेश न्यूज़

ट्रेंडिंग