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ओणम उत्सव में नजर आई भारतीय संस्कृति की झलक

जवाहर नवोदय विद्यालय में नजर आया केरल संस्कृति का अद्भुत प्रतिबिंब

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जवाहर नवोदय विद्यालय में नजर आया केरल संस्कृति का अद्भुत प्रतिबिंब

जवाहर नवोदय विद्यालय में नजर आया केरल संस्कृति का अद्भुत प्रतिबिंब

केरल की धरती पर जन्मे समृद्ध सांस्कृतिक वैभव और लोकपर्व ओणम को जवाहर नवोदय विद्यालय वारासिवनी में उल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत करने वाला यह उत्सव विद्यालय के इतिहास में एक अविस्मरणीय रहा।
सुबह विद्यार्थियों के सजाए गए मनोहारी अथप्पूकलम पुष्प अलंकरण से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। रंगबिरंगे फूलों से सजी यह पुष्प सज्जा पूरे परिसर को आध्यात्मिक आभा से आलोकित कर रही थी। इस कला में शिक्षकों और विद्यार्थियों की समान भागीदारी रही। इसके बाद परोसे गए स्वादिष्ट और पारंपरिक ओणसद्या ने विद्यार्थियों को केरल के पाक वैभव से परिचित कराया। शाम को अकादमिक ब्लॉक में आयोजित औपचारिक उद्घाटन समारोह में प्राचार्य रणबीर सिंह, बीआर पटेल, प्रीति अमूले, यशोधरा सिंह, डी जैन और रवि आर्मो ने दीप प्रज्जवलित कर उत्सव का शुभारंभ किया। इसके बाद वंचिप्पाट्टु नाव गीत ने दर्शकों को केरल की प्रसिद्ध वल्लमकली नौका दौड़ का उत्साह अनुभव कराया। तिरुवातिरा नृत्य की मधुर लय और ओणप्पाट्टु की संगीत मधुरिमा ने श्रोताओं को प्रत्यक्ष रूप से केरल की संस्कृति की झलक का अनुभव कराया।

एकता, सौहार्द व आनंद का प्रतीक हैं ओणम

समापन अवसर पर प्राचार्य रणबीर सिंह और पीजीटी हिन्दी शिक्षिका यशोधरा सिंह ने सभी को ओणम पर्व की शुभकामनाएं देकर कहा कि ओणम एकता, सौहार्द और आनंद का प्रतीक है। शिक्षकों, विद्यार्थियों और गैर शिक्षण कर्मचारियों की सामूहिक भागीदारी से संपन्न यह उत्सव मात्र एक सांस्कृतिक आयोजन ही नहीं, बल्कि विद्यालय परिवार की एकजुटता और भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता का सशक्त संदेश भी बनकर सामने आया। कार्यक्रम में जवाहर नवोदय विद्यालय के समस्त स्टाफ का भरपूर सहयोग रहा।

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