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सांसारिक जीवन का त्याग कर वैराग्य धारण करेगी आरती

दुर्ग में होगा दीक्षा समारोह

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बालाघाट. परसवाड़ा मुख्यालय निवासी गौतमचंद जैन की सुपुत्री दीक्षार्थी आरती जैन जिनका 4 दिसम्बर को वैराग्य जीवन के लिए दीक्षा कार्यक्रम दुर्ग (छग) में होना है, का स्वागत सत्कार किया गया।
मुमुक्ष आरती बोहरा (जैन) का दीक्षा कार्यक्रम से पूर्व जगह-जगह स्वागत किया गया। आरती बोहरा का जुलूस निकालकर नगर का भ्रमण किया गया। वहीं स्थानीय राममंदिर, दूर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर में आरती बोहरा द्वारा माथा टेका गया। नगर भ्रमण बाद यह जुलूस स्थानीय जैन स्थानक भवन पहुंचा। जहां उपस्थित समस्त जनों द्वारा स्वागत सत्कार किया गया। इस दौरान सामाजिक लेागों ने कहा कि मुमूक्षू आरती जैन बाल्यकाल से ही धर्म और उपासना से जुड़ चुकी थी। वे जब करीब हाईस्कूल में अध्यनरत थी तब चौमासा उपरान्त पांच ठाड़ा सतीयों का आगमन परसवाड़ा हुआ। उन्होंने परसवाड़ा में करीब तीन दिन व्यतीत किए। उन सतीयों के समीप रहकर आरती द्वारा उनकी खुब सेवा की गई। उनके उपदेशों को मन में धारण कर लिया। धर्म आधारित साहित्यों का वाचन प्रारम्भ कर दिया। माना जा सकता है कि उसी समय से आरती आध्यात्म की ओर प्रेरित हो चुकी थी। आरती के द्वारा धर्म साहित्य अंतगढ़ सूत्र, अनुत्तरोववाई, उपासक दसांग, निरयावलिया, आचारांग, ज्ञाता धर्मकथांग सूत्र, अनुयोगद्वार की वांचनी और श्री दशवैकालिक सूत्र, श्री उतराध्ययन सूत्र, नंदी सूत्र, आवश्यक सूत्र, आचारांग, भक्तामर स्रोत, महावरीष्टक स्रोत, हुक्याष्टक स्रोत, महावीराष्टक स्रोत, चिंतामणी पाष्र्वनाथ स्रोत सहित अन्य कठिन धार्मिक साहित्यों का ऐसा पाठ किया उन्हें ये ग्रंथ याद हो चुके। वहीं बेला 3. 8. 9. 11. 31 उपवास का मासखमण, आयंबिल का मासखमण, 1 वर्षीय तप, चार माह लगातार एकासना, 3 माह लगातार एकासना जैसे कठिन व्रत कर अपने आप को संयमित और कठोर तपधारी बना चुकी है। इस दौरान आरती ने कहा कि जिनके घर में मैनें जन्म लिया, छोटी से बड़ी हुई, जिनके गोद में मेैनें खेली, जिन्होंने मुझे हर तकलीफों से दूर रखा, और पालन पोषण कर मुझे इस काबिल बनाया कि मै भगवान सहित सारे जगत की सेवा कर सकूूं। मै अपने पूरे शेष जीवनकाल में भी उनका ऋण नहीं उतार सकती। आरती के उदबोधन के दौरान पूरा माहौल करूणामय लग रहा था।
24 को होगी बिदाई
परसवाड़ा से मुमूक्षू आरती जैन की दीक्षा कार्यक्रम के लिए 24 नवम्बर को सुबह 10 बजे बिदाई दी जएगी। वहीं इससे पूर्व 22 नवम्बर को ग्राम चांगोटोला में जैन समाज द्वारा मुमूक्षू आरती जैन का स्वागत सत्कार किया जाएगा। इस अवसर पर सकल जैन समाज परसवाड़ा के शिखरचंद जैन, विमल कोचर, हुकूमचंद जैन, चुन्नीलाल जैन, रमेश मोदी, नेमीचंद कांकरिया, ज्ञानचंद जैन, संजय जैन, पंकज जैन, राकेश कोचर, श्रीकांत अग्रवाल, प्रफूल्ल जैन, पीयूष कोचर, मुकेश मेहनोत, चिराग जैन सहित अन्य मौजूद थे।