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जैन मुनियों का हुआ शहर में हुआ मंगल प्रवेश

चातुर्मास के पांच माह बालाघाट वासियों को संतों का मिलेगा सानिध्य

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बालाघाट. नगर मुख्यालय में जैन मुनियों का गुरुवार को मंगल प्रवेश हुआ। निर्धारित समय सुबह 8.30 बजे दिव्य तपस्वी गुरु भगवंतो का हनुमान चौक पर आगमन हुआ। गुरुवार को श्री विनयकुशल मुनि, नंदीबेण मुनि, श्री विरागमुनि और भव्यमुनि ने शहर में मंगल प्रवेश किया। सामाजिक लोगों ने उनकी अगवानी की। वरघोड़े के रूप में जैन मुनियों अगुवानी कर मंगल यात्रा निकाली गई। यह यात्रा दादाबाड़ी से होकर मेनरोड नावेल्टी हाउस चौक, पुराना राममंदिर होते हुए काली पुतली चौक से मेनरोड होकर नूतन कला निकेतन पहुंची। जहां सुबह 10 बजे जैन संत पपू विनयकुशल मुनि मणिजी मसा ने प्रवचन दिया। 30 जून से प्रतिदिन सुबह 9 बजे से पाŸवनाथ भवन में गुरू भगवंतों के प्रवचन होंगे। उल्लेखनीय है कि जैन मुनि बालाघाट शहर में करीब पांच माह तक चातुर्मास करेंगे। इस दौरान रोजाना धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। जैन समाज के पदाधिकारी अभय सेठिया ने बताया कि पांच साल के चातुर्मास के बाद इस वर्ष पुन: जैन मुनियों का चातुर्मास होने जा रहा है। इस वर्ष जैन मुनियों का पांच माह का चातुर्मास होगा। चातुर्मास के दौरान जैन मुनि रोजाना प्रवचन देंगे। उन्होंने बताया कि विनय कुशल मुनि के साथ विराग मुनि भी बालाघाट पहुंच रहे हैं। विराग मुनि का बुधवार को 164 वां उपवास था। मुनि श्री केवल गर्म पानी पीकर उपवास कर रहे हैं। कठिन तप और उपवास करने के बाद प्रवचन देना बड़ी बात है। उनका आगमन जिले वासियों के लिए सौभाग्य की बात है। गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड में नाम दर्ज कराने के जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम बालाघाट पहुंचेंगी। जो मुनि श्री से अनुमति लेने के बाद उनकी जांच कर गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करेंगे। इसके अलावा उन्होंने अनेक बातें कही।
जैन मुनियों के मंगल प्रवेश पर उनकी अगवानी करने बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी जिले सहित चंद्रपुर, दुर्ग, नागपुर, रायपुर, राजनांदगांव सहित अन्य स्थानों से पहुंचे थे। इस अवसर पर भागचंद नाहर, ज्ञानचंद बाफना, अभय सेठिया, महेन्द्र सुराना, सोहन वैद्य, कैलाश चौरडिय़ा, सुरेश बाघरेचा, राजेश बाफना, शेकु वैद्य, पवन बाफना, विशाल संचेती, अशोक कोचर सहित अन्य जैन धर्मावलंबी मौजूद थे।