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बैगा आदिवासियों ने खोला मोर्चा, वनाधिकार पट्टा की मांग

वन विभाग पर लगाया कृषि भूमि से बेदखल करने का आरोपबैहर, बिरसा क्षेत्र के बैगा आदिवासियों ने निकाली रैली, सौंपा ज्ञापन

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बालाघाट. जिले के वनांचल क्षेत्र बैहर, बिरसा के बैगा आदिवासियों ने वनाधिकार पट्टा दिए जाने की मांग की है। मंगलवार को एक सैकड़ा से अधिक बैगा आदिवासी जिला मुख्यालय पहुंचे। रैली निकाली और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
जिला मुख्यालय पहुंचे बैगा आदिवासियों ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से वन भूमि पर कब्जा किए हुए हैं। वहां पर अब वे खेती भी कर रहे हैं। लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी शासन ने उन्हें वनाधिकार पट्टा नहीं दिया है। जबकि वे वर्षों से पट्टा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
10 गांव के ग्रामीण हुए शामिल
इस प्रदर्शन में करीब दस गांव के बैगा आदिवासी शामिल हुए। नगर के उत्कृष्ट विद्यालय मैदान से रैली निकाली। यह रैली हनुमान चौक, मेन रोड होते हुए विभिन्न चौक चौराहों का भ्रमण कर कलेक्टर कार्यालय पहुंची। जहां वनवासी विकास परिषद महाकौशल के बैनर तले पट्टे की प्रमुख मांग को लेकर अपर कलेक्टर शिव गोविंद मरकाम को ज्ञापन सौंपा।
वन विभाग कर रहा है भूमि से बेदखल
वनवासी विकास परिषद के सदस्य लखन मरावी, बैसाखिन बाई, फुलवंतिया बाई मरकाम ने बताया कि जिस भूमि पर वे वर्षों से कब्जा किए हुए हैं, उस भूमि से वन विभाग उन्हें बेदखल कर रहा है। वे हमेशा भूमि स्वामी हक का पट्टा दिखाए जाने की मांग करते हैं। पट्टा नहीं दिखाए जाने पर भूमि से हटा रहे हैं। जबकि शासन ने उन्हें अभी तक पट्टा नहीं दिया है। उनका कहना है कि वन विभाग कितना भी प्रयास कर ले वे जल, जंगल, जमीन को नहीं छोड़ेंगे। पट्टे की इस मांग को लेकर लगातार आंदोलन करते रहेंगे।
लांजी क्षेत्र के 6 गांव के ग्रामीणों ने भी की पट्टा की मांग
बालाघाट. लांजी तहसील के 6 गांवों के ग्रामीणों ने भी पट्टा दिए जाने की मांग की है। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर ग्रामीणों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों पर कब्जे वाली भूमि से बेदखल करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों कहना है कि वे कई वर्षों से शासकीय भूमि पर कब्जा कर खेती करते आ रहे हैं। अब वन विभाग उन्हें खेती करने से मना कर रहा है। भूमि से बेदखल करने की कार्रवाई भी की है। जबकि कई वर्षों से पट्टा आबंटित किए जाने की मांग की जा रही है। लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीण चमारिन बाई मरकाम, भेल ङ्क्षसह मरकाम सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें शीघ्र ही पट्टा प्रदान नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।