जानकारी के अनुसार इस योजना को लागू किए जाने के पीछे शिक्षकों व स्कूल प्रमुख की मनमानी पर अंकुश लगाना है। ग्रामीण क्षेत्र से अक्सर शिकायत आती हैं कि शिक्षक समय पर नहीं आते या फिर बिना किसी सूचना के गायब रहे, इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसके अलावा एक कारण यह भी था कि स्कूल प्रधान पाठक या प्राचार्य शिक्षकों के साथ मनमानी करते हुए उनका छुट्टी का आवेदन अस्वीकृत कर देते थे, वहीं कुछ मिनट देरी से स्कूल आने पर उनकी हाजरी अनुपस्थित दर्ज कर देते थे। इस तरह की कई शिकायतें भी वरिष्ठ अधिकारियों को प्राप्त होती थी। इन सब बातों को मद्देनजर रखते हुए व मनमानी पर अंकुश लगाने एम शिक्षा मित्र योजना को लागू किया गया था।