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एम-शिक्षा मित्र एप डाउनलोड करने में बालाघाट के शिक्षक फिसड्डी

एम-शिक्षा मित्र एप डाउनलोड करने में शिक्षक रुचि नहीं दिखा रहे है। अधिकारी भी उदासीनता बरत रहे हैं। ऐसे में 11 हजार की अपेक्षा महज 490 ने ही एप डाउनलोड किया है।

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Mantosh Kumar Singh

Mar 31, 2016

balaghat

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मुकेश यादव . बालाघाट . सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की मनमानी रोकने और सरकारी काम-काज को पेपर लैस करने के मकसद से एक शिक्षा मित्र योजना चलाई जा रही है। इधर, जिम्मेदार उदासीन रवैया अपनाकर इस योजना को पलीता लगाने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार गत वर्ष शिक्षा विभाग ने एम शिक्षा मित्र (अलम्स) योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक व अन्य अधिकारियों को शिक्षकों के एन्ड्रॉयड मोबाइल पर अलम्स नामक एप डाउनलोड करवाना है। इसके लिए बकायदा 11495 हजार एप डाउनलोड किए जाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है, लेकिन एक वर्ष में महज 490 कर्मचारियों ने ही एप डाउनलोड किए।

यह है एम-शिक्षा मित्र योजना

सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षक सीधे तौर पर जिला व प्रदेश मुख्यालय में अपनी हाजरी व छुट्टी का आवेदन मोबाइल एप के माध्यम से कर सकें। साथ ही शिक्षा विभाग का कार्य डिजिटल इंडिया की तर्ज पर ऑनलाइन हो सके, इस उद्देश्य से एम-शिक्षा मित्र योजना गत वर्ष मार्च-अप्रैल माह से ही शुरू की गई है। इसके लिए बकायदा एजुकेशन पोर्टल में एक अलम्स नाम से एम्पलीकेश भी तैयार की गई हैं। जिसमें आवेदन व हाजरी फीड होती है और स्वीकृती भी ऑनलाइन ही दी जाती है।

इसलिए लागू की गई योजना

जानकारी के अनुसार इस योजना को लागू किए जाने के पीछे शिक्षकों व स्कूल प्रमुख की मनमानी पर अंकुश लगाना है। ग्रामीण क्षेत्र से अक्सर शिकायत आती हैं कि शिक्षक समय पर नहीं आते या फिर बिना किसी सूचना के गायब रहे, इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसके अलावा एक कारण यह भी था कि स्कूल प्रधान पाठक या प्राचार्य शिक्षकों के साथ मनमानी करते हुए उनका छुट्टी का आवेदन अस्वीकृत कर देते थे, वहीं कुछ मिनट देरी से स्कूल आने पर उनकी हाजरी अनुपस्थित दर्ज कर देते थे। इस तरह की कई शिकायतें भी वरिष्ठ अधिकारियों को प्राप्त होती थी। इन सब बातों को मद्देनजर रखते हुए व मनमानी पर अंकुश लगाने एम शिक्षा मित्र योजना को लागू किया गया था।

जिले में महज 490 एप ही डाउनलोड

एजुकेशन पोर्टल से एकत्र किए गए आंकड़ों के अनुसार एम शिक्षा मित्र योजना के तहत अलम्स एप डाउनलोड किए जाने जिला शिक्षा व सर्व शिक्षा अभियान विभाग को 11495 एप डाउनलोड कराने का लक्ष्य दिया गया है। 30 मार्च 2016 तक महज 490 एप ही डाउनलोड किए गए हैं। इसमें विडम्बना यह है कि जिला स्तर में एप डाउनलोड करने व कराने में अधिकारी व शिक्षक गम्भीर नहीं है। बालाघाट ब्लॉक में 1593 की अपेक्षा महज 83 एप ही डाउनलोड किए गए हैं।

यहां स्थित चिंतनीय

एप डाउनलोड करने के मामले में जिले के विकासखंड स्तर पर भी स्थिति चिंताजन है। जिले के खैरलांजी में दिए गए 818 के लक्ष्य की अपेक्षा महज 20 एप की डाउनलोड किए गए हैं। इसी तरह लांजी में 1362 की अपेक्षा 35 व परसवाड़ा में 1016 की अपेक्षा महज 17 अलम्स एप डाउनलोड किए व करवाएं गए हैं।

इनका कहना है

यह योजना हमारे बालाघाट आने से पूर्व की है। पूर्व के अधिकारियों ने एप डाउनलोड किए जाने सम्बंधी निर्देश जारी किए होंगे। हम अगली बार जब भी बैठक होगी, शिक्षकों को शिक्षा को एप डाउनलोड किए जाने प्रेरित करेंगे।
जीएल साहू, डीपीसी, सर्व शिक्षा अभियान

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