बालाघाट. यदि आप भी बालाघाट- सिवनी राज्य मार्ग पर सफर कर रहे तो सावधान। यहां कभी भी पैरों तले जमींन (सडक़) धसक सकती है और गंभीर हादसा घटित हो सकता है। दरअसल इस मार्ग के कंजई स्थित मॉ बंजारी माता मंदिर के समीप घाटी अंधा मोड़ के एक हिस्से से सडक़ किनारे से मिट्टी धसक रही है। ऐसे में भू-स्खलन से पुरी सडक़ धसकने की प्रबल आशंका बनी हुई है। इस हाईवे मार्ग से रोजाना 24 घंटे ओवर लोड वाहन, यात्री बस व अन्य वाहनों का आवागमन बड़ी संख्या में होता है। समय रहते धसक रही सडक़ का मरम्मत कार्य नहीं करवाया गया, तो गंभीर हादसा घटित हो सकता है।
बता दें कि बालाघाट सिवनी राज्य मार्ग से प्रतिदिन बालाघाट, सिवनी, नागपुर, जबलपुर, भोपाल, इंदौर सहित अन्य स्थानों पर बड़ी संख्या में आवागमन होता है। सडक़ धसकने से इन सभी शहरों का संपर्क टूटने के साथ ही पूरी तरह से आवागमन बाधित हो जाएगा।
वाहन गुजरते ही सडक़ पर आ रही मिट्टी
लालबर्रा के गणमान्य नागारिक मनोहर अग्रवार के अनुसार कंजई घाटी के अंधे मोड़ पर बारिश होने के साथ ही भूस्खलन हो रहा है। सडक़ की मिट्टी धीरे-धीरे धसक रही है। वहीं इसी मोड़ से भारी वाहन और यात्री बसों का भी हर कुछ मिनटों में आवागमन होता है, वाहनों के गुजरने पर ऊंची घाटी के मोड़ से मिट्टी धसकर नीचे की सडक़ में आती है। इससे स्पष्ट अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्थिति गंभीर होती जा रही है। शीघ्र ही मरम्मतीकरण और भूस्खलन को रोकने की दरकार बनी हुई है। राहगीरों ने शासन-प्रशासन से कंजई घाटी के मोड़ से धसक रही सडक़ की मरम्मत करवाने की मांग की है।
तो सीधे खाई में गिरेंगे वाहन
स्थानीयजनों की माने तो इस मार्ग को राज्य मार्ग घोषित तो कर दिया गया, लेकिन मार्ग को हाईवे लायक नहीं बनाया गया है। वहीं इस मार्ग पर दिशा ***** बोर्ड का भी अभाव बना हुआ है। मार्ग खस्ताहाल होने के साथ ही एक साइड में पहाड़ी एवं दुसरे साइड में खाई है। यदि किसी दिन उक्त स्थान से आमने-सामने से ओवर लोड वाहन गुजरते हैं। वहीं किसी वाहन का चका सडक़ किनारे से गुजरता है, तो सडक़ वाहन सहित करीब 40 से 50 फीट नीचे खाई में जा गिरेंगे।
कोई नहीं दे रहा ध्यान
स्थानीयजनों की माने तो प्रदेश के केबीनेट मंत्री गौरीशंकर बिसेन, सांसद डॉ ढालसिंह बिसेन ने कुछ दिनों पूर्व इसी मार्ग से आवागमन किया। वहीं भाजपा की जन आर्शीवाद यात्रा भी इसी मार्ग से होकर बालाघाट मुख्यालय के लिए रवाना हुई। इसी तरह प्रशासनिक अमला भी रोजाना इस मार्ग से आवागमन करता है। लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया है। जबकि यहां से गुजरने पर ही सडक़ की सतह से मिट्टी का कटाव होता आसानी से दिखाई देता है। लेकिन इस विषय को लेकर कोई गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
वर्सन
इस मार्ग से रोजाना ओवरलोड वाहनों के साथ की सिवनी, बालाघाट, नागपुर, जबलपुर सहित अन्य महानगरों के लिए आवागमन होता है। ऐसे में यदि किसी दिन सडक़ सडक़ धकती है तो आवागमन बंद होने के साथ बड़ा हादसा घटित हो सकता है। इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
मनोहर अग्रवाल, जागरूक जन
भारी वाहनों के गुजरने पर कंजई घाटी सडक़ की मिट्टी निचे दिखाई देने वाली सडक़ तक आती है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सडक़ खोंखली होते जा रही है कि जो कि कभी भी धसक सकती है। भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए और मरमम्मतीकरण किया जाना चाहिए।
राजेश ठकरेले, राहगीर
हमारे नॉलेज में मामला नहीं था, जानकारी मिल रही है। हम मौके पर जाकर दिखवाते हैं। स्थिति के लिहाज से कार्य करवाए जाएंगे।
दीपक आड़े, प्रबंधक एमपीआरडीसी