
बालाघाट. महाराष्ट्र के पुणे में भीमा कोरेगांव में बुद्ध की २०० वीं सालगिरह के अवसर पर हुई हिंसा के विरोध में भीमा कोरेगांव संघर्ष समिति ने रविवार को बालाघाट बंद का आव्हान किया है। उक्त जानकारी स्थानीय अंजूमन शादी हाल में शनिवार को पत्रकारों से चर्चा में समिति के पदाधिकारियों ने दी। उन्होंने कहा कि भीमा कोरेगांव विजय शौर्य दिवस के अवसर पर सुनियोजित तरीके से हमला कराया गया जो निंदनीय है।
पुणे की घटना का विरोध
इस दौरान समिति के पदाधिकारी रहीम खान, सिद्धार्थ शेण्डे ने कहा कि महाराष्ट्र पुणे की हुई घटना का विरोध पूरे देश में हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस हमले में निर्दोष लोग घायल हो गए व एक की मौत हो गई। इस घटना की सभी लोग निंदा करते है और उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने मांग की है। उन्होंने कहा कि बालाघाट बंद के दौरान अस्पताल व दवा दुकान प्रारंभ रहेंगे। इसके अलावा व्यापारिक प्रतिष्ठान, पेट्रोल पम्प सहित अन्य दुकाने बंद रहेगी। उन्होंने सभी व्यापारियों से अपील की है कि इस बंद में अपना सहयोग दे।
ये रहे शामिल
पत्रकार वार्ता में मल्लाह मेश्राम, दयाल वासनिक, जुनेद खान, नरेन्द्र मेश्राम, धमेन्द्र कुरील, एचडी भीमटे, संदीप वासनिक, विकास डोंगरे सहित अन्य शामिल रहे।
ठेकाकरण के विरोध में गैंगमेन श्रमिकों का काम बंद हड़ताल ८ को
बालाघाट. केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा लोकनिर्माण विभाग को ठेकाकरण कर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का कार्य कर रही है। शासन द्वारा लोकनिर्माण विभाग के अधिकांश पद समाप्त किए जा रहे है। इसके विरोध में ८ जनवरी को सीटू के तत्वावधान में गैंगमेन एकता युनियन द्वारा लोकनिर्माण विभाग कार्यालय के समक्ष काम बंद हड़ताल किया जाएगा। इस संबंध में इकबाल अहमद कुरैशी ने बताया कि एकता व संघर्षो के माध्यम से श्रम कानूनों, स्थाई आदेशों एवं प्रावधानों के तहत लागू प्रथा, सुविधाओं व मिलने वाले लाभों को सुरक्षित रखने का प्रयास कर लागू करवा रहे है। लेकिन लोकनिर्माण विभाग के अंतर्गत कार्यरत गैंगमेन श्रमिकों को शासन के आदेशानुसार वर्ष २००९ से पीएफ राशि काट पेंशन का लाभ दिया जाना चाहिए। जो वर्तमान समय तक लागू नहीं किया गया जिससे अनेक श्रमिकों को बिना पेंशन के सेवानिवृत होना पड़ रहा है। सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के निर्णयानुसार दैनिक वेतन भोगी गैंगमेन श्रमिकों को स्थाई पद पर वर्गीकृत कर नियमित वेतनमान दिया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को कई वर्षो से दी जाने अर्जित अवकाश की सुविधा समाप्त की जा रही है। जो स्थाई आदेशों व श्रम कानूनों के विपरीत है। उन्होंने हड़ताल में अधिकाधिक उपस्थिति की अपील की है।
Updated on:
06 Jan 2018 05:04 pm
Published on:
06 Jan 2018 04:58 pm
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