
उकवा. मध्यप्रदेश शासन व केन्द्र सरकार कितने भी कड़े नियम बनाए। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते नियमों की धज्जियां उड़ाने से लोग नहीं चुकते। उकवा क्षेत्र में बिना पंजीयन के अवैध रूप से धड़ल्ले से ईंटभट्टा संचालित हो रहा है। लेकिन इस ओर राजस्व विभाग व वन अमला कोई ध्यान नहीं दे रहा है। गौरतलब हो कि शासन का नियम है कि ईंटभट्टा का संचालन करने के लिए पंजीयन कराना अनिवार्य है। लेकिन क्षेत्र में नियमों को ताक पर रख बिना पंजीयन ईंटभट्टा चल रहे है। जिनमें उकवा क्षेत्र के समनापुर, खण्डापार, पिण्डकेपार, गुदमा, राजपुर, लीलामेटा सहित अन्य गांव शामिल है।
उजाड़ रहे जंगल
ईंटभट्टा के ठेकेदारों द्वारा जंगल से अवैध लकड़ी कटाई कर ईट पकाने का कार्य किया जा रहा है। जिससे जंगल उजड़ते जा रहा है। वन विभाग व वन विकास निगम के अधिकारी कर्मचारियों से बात करने पर जवाब मिलता है कि दो-दो चट्ठे लकड़ी का पीवार प्रति ईंटभट्टा संचालकों के नाम से काटे है।
वन्य प्राणी को नहीं मिलेगा पानी
ईंटभट्टा संचालकों द्वारा ईट बनाने के लिए जंगल के नालों से पानी का उपयोग किया जा रहा है। इससे नाले का पानी तेजी से कम हो रहा है। जंगल में रहने वाले वन्यप्राणी नालों के पानी से अपनी प्यास बुझाते है। समय रहते इस पर रोक नहीं लगाया गया तो गर्मी में वन्यप्राणियों को पानी नहीं मिलेगा।
इनका कहना है
हमारे द्वारा दो-दो चट्ठा का पीवार काटा गया है। इससे ज्यादा हम कोई कार्रवाई नहीं कर सकते है।
राकेश मेश्राम, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी
वर्जन
इसकी मुझे जानकारी नहीं है, शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएंगी।
भागसिंह धुर्वे, नायब तहसीलदार
दुर्गा प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा १८ को
बालाघाट. नगर के मोतीनगर स्थित दुर्गामंदिर में १८ मार्च को प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया गया है। इस चार दिवसीय समारोह के तहत १५ मार्च को भव्य शोभायात्रा निकाली जाएंगी। १६ मार्च को जलाधिवास, अन्नाधिवास, १७ मार्च को शयनाधिवास, माताजी का महास्नान, १८ मार्च को सुबह १० बजे से प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जाएंगी।
Updated on:
12 Mar 2018 11:40 am
Published on:
12 Mar 2018 11:39 am
बड़ी खबरें
View Allबालाघाट
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
