बालाघाट. मूलत: हरियाणा निवासी बौद्ध भिक्षुणी साक्य धम्मदिन्ना पहली बार बालाघाट पहुंची। शांति, करुणा, बंधुत्व, समता और मैत्री का संदेश देने वाली गोल्ड मेडलिस्ट बौद्ध भिक्षुणी साक्य धम्मदिन्ना के प्रथम आगमन के दौरान बौद्ध अनुयायियों ने उनका भव्य स्वागत किया। सामूहिक रूप से अंबेडकर चौक में विश्व रत्न डॉ अंबेडकर की प्रतिमा में माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। जयघोष के साथ नगर में बौद्ध अनुयायियों ने रैली निकाली। यह रैली अंबेडकर चौक से काली पुतली चौक, वहां से रानी अवंती बाई चौक होते हुए जिला अस्पताल के सामने से सीधा समता भवन बूढ़ी पहुंची यहां रैली का समापन किया गया। सार्वजनिक जयंती समारोह समिति और जिला बौद्ध संघ तत्वाधान में स्वागत सत्कार किया गया। रामाताई बौद्ध महिला संघ ने बौद्ध भिक्षुणी साक्य धम्मदिन्ना के पैर पखारकर संघ वंदना का सांगायन कर अभिवादन किया।
विभिन्न कार्यक्रमों के हुए आयोजन
समता भवन में बौद्ध भिक्षुणी ने महाकारूणिक तथागत भगवान गौतम बुद्ध एवं डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उपासक-उपासिकाओं को त्रिशरण पंचशील ग्रहण कराया। बुद्ध वंदना, धम्म वंदना, संघ वंदना कर धम्म देशना उपदेश में उन्होंने भगवान बुद्ध के समय की घटना से अवगत कराते हुए खजुतरा नाम की दासी का किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को धम्म वाणी का श्रवण करना चाहिए और धम्म को अपनी काया में देखना चाहिए।
बौद्ध अनुयायियों में खुशी की लहर
सार्वजनिक जयंती समारोह समिति महासचिव गौरव मेश्राम ने बताया कि बौद्ध भिक्षुणी साक्य धम्मदिन्ना जी का बालाघाट की पावन धरा पर पहली बार आगमन हुआ है। जो 10, 11 और 12 जनवरी 03 दिनों तक बालाघाट में रहेगी। इस अवसर पर समता भवन बूढ़ी में रोजाना विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन किए जाएंगे। उन्होंने बताया बौद्ध भिक्षुणी साक्य धम्मदिन्ना जी मूलत: हरियाणा से हैं, जो फिलहाल सिवनी में निवास कर रही हैं। पहली बार बालाघाट की पावन धरा पर आगमन हुआ है। बौद्ध अनुयायियों में खुशी की लहर है।
रोजाना किए जा रहे आयोजन
जिला बौद्ध संघ अध्यक्ष सचिन मेश्राम ने बताया 10, 11 एवं 12 जनवरी को पंचशील बौद्ध विहार बूढ़ी में बौद्ध भिक्षुणी साक्य धम्मदिन्ना जी दोपहर 12 बजे से शाम 7.30 बजे तक धम्म देशना दे रही है। सामाजिक लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में धम्म का श्रवण कर पुण्य अर्जित करने की अपील की।