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जर्जर भवन और टीन शेड के नीचे लग रही कक्षाएं

छात्र की मौत मामले से भी नहीं चेत रहे जिम्मेदार- एक कमरें में अधिक कक्षाओं का हो रहा संचालन बोर्ड कक्षा के विद्यार्थियों के भविष्य से भी किया जा रहा खिलवाड़

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छात्र की मौत मामले से भी नहीं चेत रहे जिम्मेदार-

छात्र की मौत मामले से भी नहीं चेत रहे जिम्मेदार-

स्कूली बच्चों को लेकर जिला प्रशासन के तमाम जिम्मेदार फिक्रमंद नजर नहीं आते हैं। लगातार जर्जर स्कूल भवनों और अभाव में शिक्षा के कई मामले में सामने आने क बावजूद जिम्मेदार तमाशबीन बन अनहोनी की राह ताकते नजर आते हैं।
ताजा मामला एक और सरकारी हाईस्कूल कोथूरना का सामने आया है। यहां हाईस्कूल का स्वयं का भवन नहीं होने से बोर्ड की 10 वीं कक्षा के बच्चों को अन्य कक्षाओं के बच्चों के साथ बैठाया जा रहा है। वहीं प्राथमिक की कक्षाएं जर्जर दो अतिरिक्त कक्ष और छटवीं कक्षा के बच्चो को टीन शेड के नीचे बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। समस्या वर्षो पुरानी होने के बावजूद अब का समाधान नहीं निकाला जा सका है। आवंटन के अभाव का रोना रोकर अभाव में अध्यन-अध्यापन कार्य किया जा रहा है।

दीवार में दबकर हो चुकी छात्र की मौत

बता दें कि पांच से छह वर्ष पूर्व इसी स्कूल में एक छात्र की शौचालय की दीवार ढहने से दबकर दर्दनाक मौत हो चुकी है। इस मामले से भी सबक नहीं लिया जा रहा है। जिम्मेदार फिर हादसे ही रात ताकते नजर आ रहे हैं।

दांव पर 159 बच्चों का भविष्य

जनपद शिक्षा केन्द्र खैरलांजी के संकुल भेंडारा अंतर्गत एकीकृत शासकीय हाईस्कूल कोथूरना में एक से 10 वीं तक कुल दर्ज संख्या 159 है। सभी दस कक्षाओं का का संचालन जर्जर प्राथमिक स्कूल और दो अतिरिक्त कक्षों में किया जा रहा है। एक अतिरिक्त कक्ष में छह से आठ तक तीन कक्षाएं लगाई जा रही है। दूसरे कक्ष में नवमीं और दसवीं बच्चों को एक साथ बैठाया जाता है।

बारिश में बढ़ जाती है परेशानी

स्कूल प्रबंधन के अनुसार भवन जर्जर होने से छत से पानी टपकता है। प्लास्टर झडकऱ भी नीचे गिरता है। बारिश में छठवीं से आठवीं तक तीनों कक्षाओं का संचालन दो ही कमरों में होता है। जिस दिन बारिश नहीं होती तब छठवीं के बच्चें बाहर टीन शेड के नीचे बैठकर पढ़ाई करते हैं। प्राथमिक स्कूल भवन की दीवारों में दरारें आ चुकी है। माध्यमिक का भवन डिस्मेंटल स्थिति में पहुंच चुका है। ऐसे यहां कक्षाएं न लगाकर प्राथमिक के भवन और टीन शेड के नीचे लगाई जा रही है।

हाईस्कूल के लिए नहीं कोई भवन

वर्ष 2019 से संचालित हाईस्कूल की कक्षा नवमीं और दसवीं के लिए स्वयं का अलग से भवन ही नहीं है। कारण यहीं है कि इन कक्षाओं के बच्चों को भी किसी तरह दूसरे बच्चों के साथ बैठाकर पढ़ाया जाता है। स्कूल प्राचार्य के अनुसार उच्चाधिकारियों को कई बार मामला संज्ञान में लाने के बाद भी यहां परिणाम शून्य हंै।
वर्सन
स्कूल भवन जर्जर हो चुका है। हमारे द्वारा नए भवन के लिए सांसद से मांग की गई है। पुन: और मांग की जाएगी।
योगेश सोनटके, सरपंच कोथूरना

बीआरसी और डीईओ से पत्राचार किया जा चुका है। स्कूल भवन नहीं होने से बच्चों सहित शिक्षकों को भी अध्ययन और अध्यापन कार्य में व्यवधान उत्पन्न होता है।
प्रमोद पारधी, प्रभारी प्राचार्य

हमारे संज्ञान में मामला है, उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। भवन स्वीकृत होते ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
एसएल भगत, बीआरसी खैरलांजी

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