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पत्रिका पहल पर पालको के कार्यस्थल पर पहुंची बेटियां, जाना काम काज

बिटियां का नाम- पूर्वी उपाध्याय।माता का नाम- नम्रता उपाध्याय। (मैगनीज माइन ऑनर।)आफिस- मेसर्स नम्रता उपाध्याय माइन तिरोड़ी।:- मेरी ममा कितनी जिम्मेदारी भरे कार्य को कितनी सरलता से कर लेती है, उन्होंने मुझे माइन में सभी से कुशल व्यवहार कर अधिक प्रोडक्शन के लिए कैसे प्रोत्साहित किया जाता है बताया।पूर्वी उपाध्याय

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पत्रिका पहल पर पालको के कार्यस्थल पर पहुंची बेटियां, जाना काम काज

पत्रिका पहल पर पालको के कार्यस्थल पर पहुंची बेटियां, जाना काम काज

20 बालाघाट 01-
बिटियां का नाम- पूर्वी उपाध्याय।
माता का नाम- नम्रता उपाध्याय। (मैगनीज माइन ऑनर।)
आफिस- मेसर्स नम्रता उपाध्याय माइन तिरोड़ी।
:- मेरी ममा कितनी जिम्मेदारी भरे कार्य को कितनी सरलता से कर लेती है, उन्होंने मुझे माइन में सभी से कुशल व्यवहार कर अधिक प्रोडक्शन के लिए कैसे प्रोत्साहित किया जाता है बताया।
पूर्वी उपाध्याय
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20 बालाघाट 02-
बिटिया का नाम- जीविका करनावट।
पिता का नाम- महावीर करनावट।
व्यवसाय- मोबाइल शॉप कटंगी।
:- मैंने अपने पापा को हमारी मोबाइल शॉप में सामानों को बेचते देखा। उन्होंने मुझे बताया कि कैसे किसी ग्राहक की नई मोबाइल सिम को एक्टिवेट व एप्लीकेशन से किस तरह रिचार्ज करते है, सबकुछ सीखा। :- जीविका
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20 बालाघाट 03-
बिटियां का नाम- भवि कोचर।
मॉ का नाम - आकांक्षा कोचर।
व्यवसाय- गिफ्ट कार्नर शॉप बालाघाट।
:- मुझे लगाता था कि शॉप चलाना कोई बड़ी बात नहीं है। पत्रिका पहल पर ममा का कार्य जाना, तब पता चला कि यह काम उतना सरल नहीं है। सच में बहुत प्रभावित हुई हॅू। धन्यवाद पत्रिका और लव यू ममा- भवि
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20 बालाघाट 04-

बिटिया:- गुंजन खनोरकर
माता:- शुभांगी खनोरकर
कार्यालय:- कम्प्यूटर कैफे तिरोड़ी।
:- पत्रिका पहल पर पहली बार मम्मी का कार्य देखने पहुंची हॅू। काफी अच्छा अनुभव तो रहा, एक बार में इतनी सारी चीजें समझ नहीं आई। जब भी समय मिलेगा मम्मी का काम समझने और मदद करने शॉप में आया करूंगी।- गुंजन
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20 बालाघाट 05-
बिटिया का नाम:- मानसी और मिताली ठाकरे।
माता:- गायत्री योगराज ठाकरे। तीन बार की पार्षद
कार्यालय:- वार्ड नंबर 01 पार्षद कार्यालय कटंगी।
:- हमें फर्क है कि मेरी मम्मी एक जनप्रतिनिधि है। जो वार्डवासियों की सेवा के साथ ही देश सेवा के कार्य भी मन लगाकर करते आ रही है। पत्रिका की सोच बताती हंै बेटिया उनके लिए कितनी अहम है, धन्यवाद पत्रिका-
मानसी और मिताली
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20 बालाघाट 06-
बिटिया- अन्वी और सांझी शर्मा।
पिता- संदीप शर्मा, पत्रिका प्रतिनिधि।
व्यवसाय- पतंजलि स्टोर्स कटंगी।
:- दुकान में आकर कार्य सीखना अच्छा अनुभव रहा। जब भी इस पल को याद करेंगे तो पत्रिका अभियान की तारीफ भी होगी। अगले वर्ष पहले से ही तैयारी कर लूंगी। आज पापा की हार्डवर्किंग के बारे में पता चला।- अन्वी
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20 बालाघाट 07-
बिटिया - कृति हरिनखेड़े।
पिता - रविन्द्र हरिनखेड़े। बीआरसी
विभाग- बीआरसी कार्यालय कटंगी।
:- शिक्षा विभाग में जॉब करना अपने आप में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। पापा कार्यालय का काम तो करते हैं ही उन पर कई स्कूलों की भी जिम्मेदारी है। पापा पर बहुत वर्ग महसूस हो रहा है।
:- कृति
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20 बालाघाट 08-
बिटिया. रक्षा चौधरी।
पिता. दुर्गाप्रसाद चौधरी (शिक्षक)
विभाग- शास हासे. स्कूल बीसापुर कटंगी।
:- मैंने अपने पापा को अंग्रेजी और गणित पढ़ाते देखा। मेरे पापा सभी बच्चों को इमानदारी से पढ़ाते हैं। बहुत ही धैर्य और लगन वाला कार्य है। एक शिक्षक का जॉब काफी महत्वपूर्ण होता हैख् आज जानने का मौका मिला। - रक्षा चौधरी-
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20 बालाघाट 09-
बिटिया - आरोही तिवारी।
पिता - एससीएन तिवारी (मुंशी।)
विभाग- कोतवाली थाना बालाघाट
:- मैने पापा की तरह ही लोग कैसे शिकायत लेकर आते हैं, उन्हें कैसे न्याय दिलाया जाता है इसका प्रेक्टिकली अनुभव किया, जो बहुत अच्छा लगा। मेरे पापा वन मैन आर्मी है। पहली बार पापा के कार्यो को जाना, अच्छा लम्हा और अनुभव रहा।
- आरोही
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20 बालाघाट 10-
बिटिया:- समरा और मारीया कौसर
पिता:- नईम अख्तर अख्तर भाटी।
व्यवसाय- नौशाही स्टील फर्नीचर बैहर रोड बालाघाट।
:- मैंने आज पापा को स्टील की चादर से कूलर, पेटी, आलमारी आदि कैसे बनाते हैं सीखा है। इतनी मेहनत लगती पता चला। मै रोज कुछ समय के लिए दुकान आना चाहॅूंगी:- समरा और मारीया