
ढीमर/मछुआ समाज ने अधिकार दिलाने लगाई गुहार
बालाघाट. ढीमर मछुआ जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने व हक अधिकार दिलाने की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ढीमर/मछुआ समाज संगठन ने ३० अगस्त को अपनी मांग को लेकर स्थानीय बस स्टैण्ड मैदान में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंच अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
एपीएल कार्डधारियों को भी दे लाभ
इस दौरान ढीमर/मछुआ समाज के अध्यक्ष ईश्वरदयाल उके ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने बचत सह राहत योजना वर्षा ऋतु में मत्स्याखेट पर प्रतिबंध के समय जो राशि जमा की जाती है। जिसका लाभ एपीएल व बीपीएल कार्डधारियों को दिया जाए। वर्तमान में बीपीएल में बीपीएल कार्डधारियों को ही लाभ दिया जा रहा है जो गलत है। जिन मछुआ समिति में सदस्यों की संख्या अधिक है उन समितियों के लिए मछली पालन के लिए जन क्षेत्र की सुविधा की जाए व अन्य उद्योगों का निर्माण किया जाए। मुछआरों के साथ मछली पालन विभाग व उपपंजीयक विभाग द्वारा अनियमितता बरती जा रही है। पंजीयक विभाग में आज तक मछुआरों के आवदेन लंबित पड़े है। कुछ गांवों में ढीमर मछुआरें जाति के लोग होते हुए भी गैर मछुआरों की समितियां बनाई जाती है। जो मध्यप्रदेश शासन मछली पालन विभाग २००८ नीति के अनुसार गलत है। मत्स्य पालन मंत्रालय भोपाल की नीति व निर्देश द्वारा वंशानुगत मछुआ जाति, ढीमर, भीवर, केवट, कहार सहित अन्य वंशाुनगत जातियों को प्राथमिकता में रखा गया है।
आदिवासी जाति का नहीं किया प्रमाणपत्र जारी
मछुआ समाज संगठन के सचिव बेनीराम मेश्राम ने कहा कि समाज के लोग काफी गरीब व पिछड़े है। वर्तमान में भी ढीमर जाति के लोग गांव-गांव में झोपड़ी व कच्चा मकान में रहकर गरीबी में जीवन यापन कर रहे है। लेकिन शासन-प्रशासन इस ओर ध्यान न देकर इस जाति को अन्य जाति के संपन्न लोग की श्रेणी पिछड़ा वर्ग में रखा गया जो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि २५ जून २०१८ को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने भोपाल की केबिनेट बैठक में ९ व ५ जातियों जिनमें ढीमर, धीवर, केवट, मल्लाह, निषाद, भाई, कीर, कटार, कहार, बातम, नावडा, तुराह, मीणा, बिंद को अनुच्छेद ३४२ के तहत अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव किया गया है। लेकिन आज तक आदिवासी का प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बालाघाट, सिवनी जिले में मांझी की पर्यायवाची उपजाति ढीमर को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया जाए व प्रमाणपत्र जारी किया जाए।
Published on:
30 Aug 2018 05:57 pm
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