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बाढ़ का कहर, पाइप लाइन हुई क्षतिग्रस्त, 24 गांवों में जलापूर्ति ठप

दस दिनों से नहीं हो पा रही है पेयजल आपूर्तिबारिश में भी पेयजल के लिए परेशान हो रहे ग्रामीण

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बाढ़ का कहर, पाइप लाइन हुई क्षतिग्रस्त, 24 गांवों में जलापूर्ति ठप

बाढ़ का कहर, पाइप लाइन हुई क्षतिग्रस्त, 24 गांवों में जलापूर्ति ठप

बालाघाट. जिले में बाढ़ के कहर से न केवल फसलों को क्षति हुई है। बल्कि नल-जल योजना की पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। आलम यह है कि 24 गांवों में पिछले दस दिनों से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीण बारिश के मौसम में भी पेयजल के लिए परेशान हो रहे हैं। मामला जनपद पंचायत बालाघाट के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत चांगोटोला क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार पिछले दिनों हुई अतिवर्षा और नदियों में बाढ़ आ गई थी। इसी दौरान बालाघाट-नैनपुर नेशनल हाईवे 543 में चांगोटोला के समीप मानकुंवर नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया। जिसके चलते यहां से आवागमन तो बंद कर दिया गया है। साथ ही नल-जल योजना की पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। खासतौर पर पुल से सट कर लगाए गए पाइप लाइन पानी के तेज बहाव में टूटकर बह गए। जिसके कारण चांगोंटोला क्षेत्र के 7 ग्राम पंचायतों के 24 गांवों में जलापूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। हालांकि, नल-जल योजना का संचालन करने वाली कंपनी इसके मरम्मतीकरण में लगी हुई है। लेकिन नदी में पानी का प्रवाह तेज होने से बाधा उत्पन्न हो रही है। जिसकी वजह से मरम्मतीकरण का कार्य अभी प्रारंभ नहीं हो पाया है। उल्लेखनीय है कि नल-जल योजना के तहत देवसर्रा में फिल्टर प्लांट लगाया गया है। इसी फिल्टर प्लांट से पानी की सप्लाई पाइप लाइन के माध्यम से की जाती है। फिल्टर प्लांट का प्रबंधन रियान कंपनी के द्वारा किया जा रहा है।
इन गांवों के ग्रामीण हो रहे परेशान
देवसर्रा फिल्टर प्लांट से पेयजल की आपूर्ति नहीं होने के कारण दो दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है। खासतौर गुडरु, घंघरिया, बटुआ, मोहगांव, बडग़ांव, परतापुर, पचपेढ़ी, पादरीगंज सहित अन्य गांव शामिल है। इन गांवों के ग्रामीण अब हैंडपंप या सार्वजनिक कुंओं के सहारे अपनी प्यास बुझा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शीघ्र ही नल-जल योजना को दुरुस्त कर पेयजल की आपूर्ति की जाए।
इनका कहना है
पेयजल की आपूर्ति नहीं होने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा समय में बारिश हो रही है। ऐसे में कुएं या अन्य स्रोतों से शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। हमारे द्वारा कुएं के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।
-भुवनलाल बघेले, ग्रामीण
प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त हुई नल-जल योजना की पाइप लाइन को शीघ्र दुरुस्त किया जाए। ताकि ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े। बारिश के दिनों में भी हमें शुद्ध पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
-रोशनलाल बांगरे, ग्रामीण
बाढ़ के कारण मानकुंवर नदी के पास पाइप लाइन टूट चुकी है। जिसके कारण 24 गांवों की जलापूर्ति ठप पड़ी है। मानकुंवर नदी के इस तरफ के 10 गांवों में पेयजल सप्लाई चालु है। जैसे ही नदी का पानी कम होता है, वैसे ही पाइप लाइन को दुरुस्त कर जलापूर्ति प्रारंभ कर दी जाएगी।
-प्रदीप हनवते, प्रभारी, फिल्टर प्लांट देवसर्रा