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गोवारी समाज का आंदोलन 4 को, बैठक में तैयार की रणनीति

अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त करने के लिए जारी रहेगा संघर्ष-महेश सहारे

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बालाघाट. आदिवासी गोवारी समाज की जिला स्तरीय बैठक 20 अगस्त को आयोजित की गई। यह बैठक बस स्टैंड समीप धर्मशाला में संपन्न हुई। बैठक में समाज के प्रदेश अध्यक्ष महेश सहारे, जिलाध्यक्ष कन्हैया राऊत सहित अन्य मौजूद रहे।
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि आदिवासी गोवारी समाज को अनुसूचित जनजाति का हक दिलाने के लिए आंदोलन को तेज किया जाएगा। 4 सितंबर को आदिवासी गोवारी समाज ने बालाघाट मुख्यालय में प्रदेश स्तरीय आंदोलन का ऐलान किया है। जिसमें पूरे प्रदेश से आदिवासी गोवारी समाज शामिल होगा।
प्रदेश अध्यक्ष महेश सहारे ने बताया कि वर्ष 2016 में आदिवासी गोवारी समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्रदान करने के निर्देश प्रदेश सरकार ने दिए है। लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इसका पालन नहीं हो रहा है। आज तक समाज इस हक व अधिकार से वंचित है। जबकि समाज ने मंत्रियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन, निवेदन कर चुका है। बावजूद इसके इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस विधायक ने इस मामले को विधानसभा में भी उठाया था। जिस पर सरकार ने कहा था कि यह प्रभावशील है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी इसे नहीं मान रहे है। उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाज के मतदाता इसका जवाब देंगे।
बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण मंडलवार, भागचंद मंडलवार, रामेश्वर सोनवाने, परमानंद नागोसे, अशोक कारसर्पे, संतोष कोरडे, अशोक वाघाड़े, गोविंद शेंद्रे, अर्जुन शेंद्रे, कन्हैया वघारे, महेश राऊत, रोशनलाल बोपचे, राजकुमार मुर्खे, लोकश सरवरे, रतन सरवरे, रमेश राऊत, मनोज आमाडारे, दिनेश शेंद्रे, राजेश कारसर्पे सहित बड़ी संख्या में सामाजिक लोग मौजूद थे।