8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

वारासिवनी-खैरलांजी क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों से निकाली गई ग्राम मंगल पद यात्रा

ग्राम मंगल यात्रा जो बन गई परंपरा

2 min read
Google source verification
ग्राम मंगल यात्रा जो बन गई परंपरा

ग्राम मंगल यात्रा जो बन गई परंपरा

सामाजिक एकजुटता और पर्यावरण संरक्षण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सामाजिक संगठनों द्वारा ग्राम मंगल पद यात्रा की शुरुआत की गई थी, जो अब परंपरा बन निरंतर दस वर्षों से जारी हैं। इस वर्ष 4 जनवरी को वारासिवनी, कटंगी व लालबर्रा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों से श्रीराम पद यात्रा निकाली गई। इस पद यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर अपने-अपने ग्रामों से रामपायली श्रीराम मंदिर तक की पद यात्रा की।

इस पदयात्रा के दौरान रविवार को वारासिवनी नगर के बड़ा श्रीराम मंदिर से मंगल पद यात्रा निकाली गई, जो ग्राम सिकंद्रा, महदोली, बिठली होते हुए भगवान श्रीराम की नगरी रामपायली पहुंची। जिन-जिन ग्रामों मंगल पद यात्रा निकली, उन ग्रामों में ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर उन्हें पुष्प मालाएं पहना कर उनका स्वागत किया। इस मंगल यात्रा में विधायक विवेक पटेल, निरंजन बिसेन, छगन हनवत, अजय बिसेन, सरपंच संदीप वाघमारे, प्रदीप शरणागत, अनिल खंडेलवाल, भेजेन्द्र चौधरी, जावेद अली, डॉ लोकचंद ठाकरे, सत्तू बिसेन सहित सैकड़ों श्रद्धालुगण शामिल हुए। इस मंगल पद यात्रा में नन्हें बच्चे जीवंत झांकियों के रूप में हनुमान, राम-सीता के वेश धारण किए हुए थे।

दर्शन करने मंदिर में रही भीड़

मंगल पद यात्रा वारासिवनी, खैरलॉजी, लालबर्रा व कटंगी क्षेत्र के ग्राम जरामोहगांव, वारासिवनी, लिंगमारा, घोटी आरंभा, भेंडारा, खैरलॉजी, हथौड़ा, सावरी, रमरमा, महकेपार एवं लालबर्रा से निकल कर रास्ते में पडऩे वाले सभी ग्रामों से होते हुए रामपायली पहुंची। मंगल यात्रा में डीजे बंैड बाजे की धुन व जय जय श्रीराम के नारे के साथ भक्तगण नाचते गाते हुए भगवान श्रीराम की नगरी रामपायली पहुंचे। श्रद्धालुओं ने प्रसिद्ध भगवान श्रीराम के मंदिर में भगवान श्रीराम सहित शिव शंकर, लंगड़े हनुमान, भगवान श्रीराम सीता आदि के दर्शन कर उनकी पूजा अर्चना की। सभी ने मंदिर क्षेत्र में आयोजित विशाल व भव्य भंडारे का महाप्रसाद ग्रहण किया।

मंदिर स्थल पर लगी स्वदेशी प्रदर्शनी

इस विशाल आयोजन के उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए मंदिर स्थल के पास एक स्वदेश प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। प्लास्टिक मुक्त भारत बने, स्वदेशी वस्तुओं का चलन, बड़े एवं धार्मिक, मानसिक, आध्यात्मिक आस्थाओं का निर्माण हो, मनभावन झांकियां एवं ग्रामीण हाट बाजार, ग्राम उद्योग विकास, सामाजिक समरसता के दर्शन, गौ आधारित जीवन का मूल उद्देश्य से संबंधित सामग्रियों के स्टॉल लगाए गए थे।


बड़ी खबरें

View All

बालाघाट

मध्य प्रदेश न्यूज़

ट्रेंडिंग